#cg_mange_rojgar: सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ कैंपेन, बेरोजगारों ने पूछा ये बड़ा सवाल
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#cg_mange_rojgar: सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ कैंपेन, बेरोजगारों ने पूछा ये बड़ा सवाल
बेरोजगारों युवाओं में सरकार के खिलाफ नाराजगी. (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ के बेरोजगार (Unemployed) युवाओं का कहना है कि जो भर्तियां रुकी हुई हैं सरकार उन पोस्ट को जल्द भरें. साथ ही अपने वादे के मुताबिक रोजगार उपलब्ध कराएं.

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रायपुर. सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के युवाओं ने राज्य सरकार (Bhupesh Government) के खिलाफ कैंपेन चलाया है. इस कैंपेन में प्रदेश के युवा #cg_mange_rojgar हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये ट्रैंड भी कर रहा है. बेरोजगार (Unemployed) युवाओं का कहना है कि जो भर्तियां रुकी हुई है उन्हें सरकार जल्द से जल्द सभी पोस्ट भरे, चाहे वो 2018 के एसआई भर्ती का मामला हो या फिर शिक्षकों की भर्ती का मामला हो. इसी तरह से जो वादे युवाओं से किए गए थे उन्हें पूरा करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं.

युवाओं का कहना है कि सरकार की ओर से एक कैलेंडर बनाया जाना चाहिए जिसमें कब परीक्षाएं होंगी, कब एग्जाम होगा, कब तक भर्ती होगी यह सारी चीजें स्पष्ट करनी चाहिए. इन तमाम बातों को लेकर युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है और यही वजह है कि ट्विटर पर #cg_mange_rojgar ट्रेंड करा रहे हैं और करीब सवा लाख से भी अधिक  ट्वीट और रिट्वीट किए जा चुके हैं.

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सोशल मीडिया के जरिए रखी अपनी बात
युवाओं का कहना है कि अभी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बातें रख रहे हैं. केवल कर्ष का कहना है कि 2018 में एसआई के 655 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी जिसमें प्रदेश के सवा लाख से ज्यादा युवाों ने फॉर्म भरा था. 2 साल गुजरने के बाद भी भर्ती नहीं हुई है. सरकार भर्ती के लिए ध्यान ही नहीं दे रही है. सरकार जल्द से जल्द इन पदों पर भर्ती करें. सरकार अगर बात नहीं मानती है तो फिजिकल रूप से सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे. वहीं एक और युवा सूरज का कहना है कि पीएससी और व्यापम के माध्यम से सरकारी नौकरी के लिए वैकेंसी निकाली जाती है, लेकिन नियमित रूप से न तो परीक्षाएं आयोजित की जा रही है और ना ही भर्तियां निकाली जा रही है जिससे बेरोजगार युवकों में निराशा है. सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे वादे किए थे, लेकिन अब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगने लगे हैं.
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