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चुनावी खर्च का हिसाब नहीं दिया तो होगी मुश्किल, निर्वाचन आयोग लगा सकता है बैन!
Raipur News in Hindi

News18 Chhattisgarh
Updated: February 12, 2020, 11:51 AM IST
चुनावी खर्च का हिसाब नहीं दिया तो होगी मुश्किल, निर्वाचन आयोग लगा सकता है बैन!
उम्मीदवारों ने अपने तय समय से अपना हिसाब किताब आयोग को नहीं दिया है.

मालूम हो कि प्रदेश में पिछले साल दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव हुए थे, जिसमें 10 नगर निगम, 38 नगर पालिका परिषद और 103 नगर पंचायत के लिए अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हुए थे.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के शहरी उम्मीदवारों के निर्वाचन पर खतरा मंडराने लगा है. निकाय चुनाव (Urban Body Election) में प्रतिदिन अपने चुनावी खर्च का हिसाब (Election Expense ) नहीं देने वाले उम्मीदवारों का निर्वाचन खतरे में आ गया है. जानकारी के मुताबिक, ऐसे उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) रोक लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है. मालूम हो कि प्रदेश में पिछले साल दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव हुए थे, जिसमें 10 नगर निगम, 38 नगर पालिका परिषद और 103 नगर पंचायत के लिए अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हुए थे. नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए 10 हजार 172 उम्मीदवार पार्षद चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाने के लिए उतरे थे. इन सभी को हर रोज अपने चुनावी खर्चे का हिसाब राज्य निर्वाचन आयोग को देना था. लेकिन उम्मीदवारों ने अपने तय समय से अपना हिसाब किताब आयोग को नहीं दिया है.

सख्ती की तैयारी में चुनाव आयोग



नगरीय निकाय चुनाव में 98 पार्षद उम्मीदवारों ने चुनावी खर्च का अंतिम हिसाब आयोग में जमा नहीं किया है और फाइनल ब्योरा नहीं देने वाले सबसे ज्यादा 55 उम्मीदवार रायपुर जिले के हैं. ऐसे में जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग इन उम्मीदवारों पर सख्ती बरतने की तैयारी में है. इतना ही नहीं रायपुर (Raipur) जिले के अलावा जांजगीर चांपा में 23 बिलासपुर में 6, दुर्ग जिले में 7 जशपुर 2 और कोरिया जिले में 3 प्रत्याशियों ने अपने खर्चे का हिसाब नहीं दिया है. 24 दिसंबर 2019 को नगरीय निकायों के चुनाव की मतगणना के एक महीने के अंदर सभी उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्चे का हिसाब राज्य निर्वाचन आयोग को देना था. लेकिन


55 दिनों से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी 98 उम्मीदवारों ने अपना चुनावी खर्चे का हिसाब नहीं दिया है.




राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा


राज्य निर्वाचन आयोग का साफ कहना है कि ऐसे उम्मीदवारों से उनके चुनावी खर्चे का हिसाब मांगा गया है. सभी कलेक्टरों से जानकारी मांगी गई है कि वो आखिर अपने चुनावी खर्चे को क्यों नहीं बता रहे है. इतना ही नहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तरफ से नोटिस जारी करने जा रहा है. नोटिस का माकूल जवाब नहीं देने वाले उम्मीदवारों को आगे चुनाव लड़ने से रोका जाएगा. साथ ही ऐसे उम्मीदवारों का निर्वाचन भी रद्द किया जाएगा.






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First published: February 12, 2020, 11:45 AM IST
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