छत्तीसगढ़ में 'सरकार' को मात देने वाले विजय बघेल मोदी कैबिनेट में बन सकते हैं मंत्री, ये है खासियत

निलेश त्रिपाठी | News18 Chhattisgarh
Updated: May 30, 2019, 12:06 PM IST
छत्तीसगढ़ में 'सरकार' को मात देने वाले विजय बघेल मोदी कैबिनेट में बन सकते हैं मंत्री, ये है खासियत
विजय बघेल.

दुर्ग संसदीय सीट से जीत हासिल करने वाले बीजेपी नेता विजय बघेल छत्‍तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को चुनावी मैदान में मात दे चुके हैं.

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लोकसभा चुनाव 2019 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गढ़ दुर्ग में बीजेपी से प्रत्याशी विजय बघेल को प्रदेश में सबसे बड़ी जीत मिली. दुर्ग से विजय बघेल को कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा चन्द्राकर से 3 लाख 91 हजार से अधिक वोटों से जीत मिली. प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल संसदीय सीट में से एक दुर्ग पर सबकी निगाहें टिकी थीं, क्योंकि माना जा रहा था कि यहां से कांग्रेस प्रत्याशी से ज्यादा राज्य सरकार की साख दांव पर लगी है. अब पीएम मोदी की कैबिनेट के लिए छत्तीसगढ़ कोटे से जिन सांसदों का नाम सामने आ रहा है, उनमें विजय बघेल भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के गढ़ में बीजेपी को मिली बड़ी जीत का फायदा विजय बघेल को मिल सकता है.

छत्तीसगढ़ के दुर्ग संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्य सरकार में मंत्री ​रविन्द्र चौबे, मंत्री ताम्रध्वज साहू और मंत्री रूद्र गुरु का विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है. इतना ही नहीं इस संसदीय क्षेत्र के कुल 9 विधानसभा सीटों में से 8 पर कांग्रेस प्रत्याशियों को 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी. इतना ही नहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की एकमात्र सीट दुर्ग में ही जीत मिली थी.

सीएम बघेल को दे चुके हैं मात
बीजेपी सांसद विजय बघेल सीएम भूपेश बघेल को चुनावी मैदान में मात दे चुके हैं. साल 2008 के विधानसभा चुनाव में विजय बघेल ने भूपेश बघेल को हराया था. इसके बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल ने विजय बघेल को हराया था. हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने विजय बघेल को मौका नहीं दिया. तब से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि विजय को बीजेपी लोकसभा चुनावी मैदान में उतारेगी.

File Photo.


सरल और मिलनसार स्वभाव के विजय बघेल सामाजिक तौर पर भी काफी मजबूत माने जाते हैं. कुर्मी समाज के साथ ही अन्य वर्गों में भी इनकी पकड़ है. बीकॉम तक की पढ़ाई करने वाले विजय बघेल का नम्मूलाल बघेल और सत्यभामा बघेल के बेटे हैं. 15 अगस्त 1959 को जन्मे विजय बघेल कबड्डी के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रह चुके हैं. इन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर की टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है. एक बार इन्हे रजत और एक बार स्वर्ण पदक मिला. विजय बघेल रामकथा गायन के लिए काफी प्रचलित हैं.

राजनीतिक सफर
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साल 1985 से 2004 तक भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी रहे विजय बघेल ने साल 2000 में पहली बार नगर पालिका भिलाई-3 चरोदा के अध्यक्ष पद का निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते. इसके बाद साल 2003 के विधनसभा चुनाव में पाटन सीट से एनसीपी की टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए. इसके बाद उन्होंने 2004 में बीजेपी की सदस्यता ली. रिश्ते में चाचा भूपेश बघेल के खिलाफ उन्होंने 2008 में बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते. इस कार्यकाला में वे राज्य सरकार में संसदीय सचिव भी रहे. इसके बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में हार मिली.

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First published: May 30, 2019, 11:50 AM IST
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