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OBC के 14 प्रतिशत आरक्षण के लिए हमें आगे लड़ाई लड़नी पड़ेगी: CM भूपेश बघेल

Mamta Lanjewar | News18 Chhattisgarh
Updated: October 4, 2019, 2:40 PM IST
OBC के 14 प्रतिशत आरक्षण के लिए हमें आगे लड़ाई लड़नी पड़ेगी: CM भूपेश बघेल
CM बघेल ने कहा कि सरकार का 82 प्रतिशत आरक्षण का फैसला सही है.

आरक्षण पर स्टे को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि सरकार ओबीसी (OBC) के बढ़े हुए आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ेगी.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में आने वाले समय में आरक्षण (reservation) को लेकर सियासत गरमा सकती है. आरक्षण पर स्टे को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि सरकार ओबीसी (OBC) के बढ़े हुए आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ेगी.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि "माननीय न्यायालय ने 69 प्रतिशत आरक्षण को स्वीकार कर लिया है  यानी एससी (SC) और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के आरक्षण को स्वीकार कर लिया गया है. ओबीसी के  बढ़े हुए आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया है, जिसे लेकर हम लड़ाई लड़ेंगे. न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे." भूपेश बघेल का कहना है कि सरकार का 82 प्रतिशत आरक्षण का फैसला सही है.

OBC के आरक्षण के लिए हमें आगे लड़ाई लड़नी है : भूपेश बघेल

सीएम बघेल ने कहा कि "न्यायालय ने जो आदेश पारित किया है उसमें पहले से ही छत्तीसगढ़ में 58 प्रतिशत आरक्षण था और अब जाकर 69 प्रतिशत को स्वीकार किया गया है. इसका अर्थ यह है कि 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति (scheduled caste) के आरक्षण को न्यायालय ने मान लिया है. दूसरा 10 प्रतिशत सामान्य वर्ग (General Class) के जो गरीब लोग हैं उनको भी न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है. वहीं 14 प्रतिशत जो ओबीसी का है उसके लिए हमें आगे लड़ाई लड़नी पड़ेगी."

आरक्षण बढ़ाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट (High Court) ने बढ़े हुए आरक्षण पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच ने ये आदेश जारी किया है. बता दें कि राज्य में बढ़े हुए आरक्षण के खिलाफ चार लोगों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जबकि समर्थन में भी एक याचिका लगी थी. आरक्षण के खिलाफ लगी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने ये फैसला दिया है. हाईकोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ सरकार को झटका लगा है.

'SC के फैसले को नजरअंदाज कर यहां आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया गया था'
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इस मसले पर वकील अनीश तिवारी का कहना था कि सरकार के आरक्षण बढ़ाने के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में इसका प्रतिशत 82 फीसदी हो गया था. इसके विरोध में याचिका लगाई गई थी. संविधान के मुताबिक, माइनौरिटी ऑफ सीट पर ही आरक्षण की पॉलिसी लागू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं किया जा सकता. इन सब बातों को नजरअंदाज कर यहां आरक्षण का प्रतिशत बढ़ा दिया गया था.

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First published: October 4, 2019, 2:40 PM IST
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