जब कोरोना काल में अपनों की मदद नहीं कर रहा कोई, ऐसे में PPE क‍िट पहन अंजानों की मदद कर रहे ये

 मानवजीवन के इस भयानक तस्वीरों के बीच रायपुर का  एसएनएस ग्रुप मानव सेवा का उदाहरण बन रहा है

मानवजीवन के इस भयानक तस्वीरों के बीच रायपुर का एसएनएस ग्रुप मानव सेवा का उदाहरण बन रहा है

Chhattisgarh News: छत्‍तीसगढ़ के रायपुर में एसएनएस ग्रुप के सदस्य अंजान लोगों की मदद करने के ल‍िए पीपीई किट पहनकर पहुंच रहे हैं.

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आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश और दुनिया में कोरोना का संकट छाया हुआ है. हालात और स्थिति ऐसी की अपने भी अपनों के पास जाने से कतराने लगे हैं. इस गंभीर संकट में जिंदा को अस्पताल और मुर्दा को श्मशान तक समय से नहीं मिल पा रहा है. मानवजीवन के इस भयानक तस्वीरों के बीच रायपुर का एसएनएस ग्रुप मानव सेवा का उदाहरण बन रहा है. इस ग्रुप के सदस्यों में सेवाभाव ऐसा कि दिन रात केवल और केवल इसी कार्य में लगे हुए हैं.

कोरोना काल की सबसे भयानक तस्वीरों में यह तस्वीर भी प्रमुखता से गिनी जाएगी. कोरोना कालखंड के ऐसी काली तस्वीरें जो भीतर तक सिहरन पैदा कर दें. सोचने पर मजबूर कर दें कि आखिरकार इतनी बदतर स्थिति कैसे हो गई. अब इन तस्वीरों को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि ऐसी चैबरों और जिम्मेदारों के बयानों के इतर वास्तविक तस्वीर कैसी है. खैर जिम्मेदारों को रहने दीजिए और इन तस्वीरों को भूल जाइए और जरा देखिए इन तस्वीरों को कि कैसे एसएनएस ग्रुप के ये सदस्य मानव सेवा ही माधव सेवा है के धेय वाक्य को आत्मसाध कर रहे हैं. वह भी तब जब इस महामारी ने अपनों को ही अपने से दूर कर दिया है. कहावत थी कि अपनों के साथ रहने से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है. मगर इस महामारी ने परम्परा को ही बदल दिया और बता दिया कि साथ रहने से हम सुरक्षित तक नहीं है.

खैर इस भय और नकारात्मता के माहौल से जरा बाहर निकलिए और देखिए कि कैसे आज भी लोग अंजानों की मदद करने पीपीई किट पहन कर पहुंच रहे हैं. दरअसल, यह तस्वीर है रायपुर के ग्रामीण विधानसभा की जहां पेशे से कांग्रेसी नेता और विधायक सत्यनारायण शर्मा बेटे पंकज शर्मा अपने ग्रुप के साथ दिन रात लोगों की सेवा में लगे हुए हैं. तस्वीर में दिखाई दे रहे. पीपीई किट में पंकज शर्मा अपने चार साथियों के साथ उस शव को श्मशान तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, जिस शव के पास कोई अपना तक नहीं पहुंचा. घर पर एक बेटी के साथ रह रहे पिता को कोरोना ने लील लिया.

बेटी के पास तमाम कोशिशों के बाद भी पिता के शव को देख. फफक-फफक कर रोने के अलावा कोई चारा नहीं था. इस पर सरकारी सिस्टम के सितम का सड़न ऐसा की लाश से दुर्गंध आने लगी. तब जाकर किसी ने एसएनएस ग्रुप के सदस्यों को फोन किया. ग्रुप के प्रमुख सदस्य पंकज शर्मा अपने चार साथियों और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए और खुद ही पीपीई किट पहन लाश को श्मशान पहुंचवा कर अंतिम संस्कार करवाया.
अब इस ग्रुप के एक युवा सदस्य से मिलिए. 20 साल के तीरथ साहू एसएनएस ग्रुप से साथ जुड़ कर मानव सेवा में ऐसे रम गए कि इस संकटकाल में दिन-रात इसी कार्य में लगे हुए हैं. इनकी गाड़ी में चार-पांच पीपीई किट हमेशा रहता है ताकि जैसे ही जरूरत पड़े तत्काल पहन कर कोरोना संक्रमितों की मदद का जा सके. न्यूज़ 18 से चर्चा करते हुए तीरथ कहते हैं कि वयोवृद्ध नेता सत्यनारायण शर्मा को मानव सेवा करते बचपन से ही देख रहे हैं और उन्ही से प्रेरणा लेकर उम्र की उस दहलीज पर मानव सेवा में लगे हुए हैं जिस दहलीज से युवाओं को सही रास्तों पर लाने के लिए ना जाने कितने जतन किए जाते हैं.

वैसे तो पंकज शर्मा तो पेशे से राजनीतिज्ञ हैं. मगर पंकज शर्मा ने राजनीति के मूलमंत्र मानव सेवा को चुन कर साबित कर दिया कि अगर सच्ची निष्ठा और लगन हो तो जिस राजनीति को काजल की कोठरी कहा जाता है वहां भी सफेद कपड़ों में बेदाग रहा जा सकता है. इस कठिन समय में पंकज कहते हैं कि इस वक्त राजनीति, दल, वर्ग, अपना-पराये को भूल कर हम सब को आगे आकर लोगों की सेवा करनी चाहिए.

मानव जीवन पर त्रास्दी के तौर पर साबित हो रहे इस कोरोना कालखंड में कई लोग अपने-अपने तरीकों से आपदा में अवसर तलाश रहे हैं तो कई लोग पंकज शर्मा और एसएनएस ग्रुप के जैसे सेवा कर मानवता के लिए मिसाल बन रहे हैं. इनके इस सेवा भाव को देखकर हम भी कहेंगे. शबाश पंकज शर्मा, शबाश एसएनएस ग्रुप, आप लोग यूं ही मानव सेवा को माधव सेवा मानकर आगे बढ़ते रहिए.
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