छत्तीसगढ़: दस सालों में नक्सल मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बल के 115 जवानों ने की आत्महत्या

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षा बल के जवान को नक्सलियों के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है.

Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: July 9, 2019, 10:14 AM IST
छत्तीसगढ़: दस सालों में नक्सल मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बल के 115 जवानों ने की आत्महत्या
तनाव से गुजर रहे हैं छत्तीसगढ़ के जवान.
Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: July 9, 2019, 10:14 AM IST
माओवाद प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में एक तरफ माओवादियों से लोहा लेते सुरक्षा बल के जवान मर रहे है, तो वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बल के जवान तनाव के चलते आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठा रहे है. नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षा बल के जवान को नक्सलियों के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है. चिंता की बात ये है कि देश के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार ये जवान हालात की दुष्वारियों से इस कदर परेशान हो जाते है कि अपना ही अंत कर लेते है.

आंकड़ों पर एक नजर

पिछले साल छत्तीसगढ़ में 36 जवानों ने आत्महत्या की. छत्तीसगढ़ में ऐसी भी कई घटनाएं हुईं जिनमें जवानों ने अपनी सर्विस रायफल या पिस्टल का इस्तेमाल दुश्मनों पर करने की बजाय खुद को खत्म करने में किया है. राज्य के पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2007 से अक्टूबर वर्ष 2017 तक की स्थिति के अनुसार सुरक्षा बलों के 115 जवानों ने आत्महत्या की है. इनमें राज्य पुलिस के 76 तथा अर्धसैनिक बलों के 39 जवान शामिल है. इन आंकड़ो के बाद अब प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी ने निर्णय लिया है कि वो सुरक्षा बलों की काउंसिलिंग करने की तैयारी कर रहे है. तो वहीं मनोचिकित्सक मानते हैं कि सुरक्षा बल के जवान काफी प्रेशर में रहते है. इस वजह से ऐसे आत्मधाती कदम उठा लेते है.

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बढ़ते तनाव के कारण जवान

खुदकुशी जैसा आत्मधाती कदम उठा रहे है.


 

जिम्मेदारों ने कही ये बात
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डीजीपी डीएम अवस्थी भी मानते है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को काम के तनाव तथा पारिवारिक परेशानी को साथ लेकर चलना होता है. तनाव जब हद से गुजर जाता है तो वे आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते है. वहीं मनोचिकित्सक डॉ. आशफाक हुसैन का कहना है कि इन घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय तौर पर भी पहल करनी होगी. अधिकारियों की जवाबदारी है कि वे अपने कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाएं और उनकी परेशानी पूछे और बेहतर हल निकाले.

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अब पुलिस विभाग जवानों की काउंसिलिंग भी करेगा.


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First published: July 9, 2019, 9:59 AM IST
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