लॉकडाउन में फंसे मजदूरों ने दी आत्महत्या की चेतावनी, सरकार ने ऐसे की मदद
Raipur News in Hindi

लॉकडाउन में फंसे मजदूरों ने दी आत्महत्या की चेतावनी, सरकार ने ऐसे की मदद
मजदूरों के मुद्दे को उपचुनाव में भुनाने की कोशिश होगी.

लॉकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के मजदूर देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं. इसी क्रम में बालौदाबाजार और कोरबा जिले के करीब तीन दर्जन मजदूर जम्मू में फंसे हुए हैं.

  • Share this:
रायपुर. लॉकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के मजदूर देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं.  इसी क्रम में बालौदाबाजार और कोरबा जिले के करीब तीन दर्जन मजदूर जम्मू में फंसे हुए हैं. मजदूरों तक किसी भी तरह की मदद नहीं पहुंचने पर वे इतने विचलित थे कि छोटे-छोटे बच्चे सहित आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए थे. मदद की गुहार लगाते मजदूरों ने न्यूज़ 18 पर विश्वास जताते हुए अपना वीडियो भेजा, जिसे न्यूज़ 18 के द्वारा सक्षम अधिकारी और विभाग तक पहुंचा दिया गया.

मजदूरों के वीडियों और न्यूज़ 18 के सामाजिक सरोकार को देखते हुए श्रम विभाग के सचिव और श्रमायुक्त सोनमणि बोरा ने तत्काल निर्देश जारी कर मजदूरों की खोजबीन कराई. ना केवल खोजबीन बल्कि उन तक पर्याप्त राशन भी पहुंचा गया. रायपुर से करीब 2000 किलोमीटर दूर अपने तक मदद पुहंचने पर मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई.

मजदूरों के मदद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के मजदूरों के अलग-अलग राज्यों में फंसे होने के खबर के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रम विभाग के सचि सोनमणि बोरा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. नोडल अधिकारी के द्वारा ऐसे किसी भी मामले को गंभीरता से लेकर मजदूरों तक मदद पहुंचाई जा रही है. एक आकड़े के अनुसार अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ के करीब 85 हजार मजदूरों तक मदद पहुंचाई जा चुकी है. साथ ही राज्य के भीतर भी मजदूरों तक सुविधा पहुंचाई जा रही है.
रोजी रोटी के बाद जीवन यापन पर संकट


देश में कोरोना संक्रमण की ज़द में भले ही अब तक करीब 16000 लोग आए हों लेकिन कोरोना काल में लाखों मजदूर का रोजी रोटी छिन चुका है. आलम यह है कि अब जीवन यापन करना , दो जून की रोटी का प्रबंधन करना कठिन हो गया है, हालांकि केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक इनके मदद के लिए कार्य किया जा रहा है, मगर धरातली हकीकत यही हैं कि कोरोना संक्रमण ने लाखों श्रमिकों को बेरोजगार कर दिया है.

ये भी पढ़ें:
छत्तीसगढ़: बस्तर में सुरक्षा बल के जवानों की 'पैनिक फायरिंग' में मारे जा रहे आदिवासी?

COVID-19: सड़कों पर ड्यूटी कर रहीं 7 महीने की गर्भवती पुलिस अफसर, खुद को नहीं मानतीं कोरोना वॉरियर
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज