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खेल के मैदान में करता है कमाल! मगर फील्ड क्यों छोड़ना चाहता है राजनांदगांव का लोकेश?

छत्तीसगढ़ के लोकेश ने सेकंड बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर आर्म रेसलिंग इन इंडिया में दूसरा स्थान हासिल किया.

छत्तीसगढ़ के लोकेश ने सेकंड बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर आर्म रेसलिंग इन इंडिया में दूसरा स्थान हासिल किया.

Chhattisgarh News: हमारे समाज में कई बार यह देखने को मिलता है कि प्रतिभाओं को उचित संसाधनों के अभाव में आगे बढ़ने के अ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

राजनांदगांव के लोकेश का कमाल,अपने खेल का मनवाया लोहा.
गोवा में हुआ बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर आर्म रेसलिंग इन इंडिया.
अपने वर्ग समूह में दूसरे स्थान पर आए राजनांद गांव के लोकेश.

राजनांदगांव. बीते दिनों गोवा में हुए सेकंड बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर आर्म रेसलिंग इन इंडिया के द्वारा पंजा कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसमें पूरे देश से लगभग 350 खिलाड़ियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया था. शहर के लोकेश ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपने 65 किलो वजन दिव्यांग समूह में दूसरा स्थान प्राप्त करने में सफलता हासिल की. बता दें कि इससे पहले लोकेश तीन बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मेडल जीत चुके हैं.

गौरतलब है कि राजनांदगांव के बसंतपुर में रहने वाले लोकेश यादव पैरों से दिव्यांग हैं. मगर अपनी कमजोरी को इन्होंने ताकत बनाते हुए पंजा कुश्ती के खेल में अपनी किस्मत आजमायी और लगातार मेहनत करते हुए इस मुकाम पर पहुंचे. उन्होंने कई मेडल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने नाम किया है.

दिव्यांग लोकेश अब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. उनका कहना है कि शासन से और सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है; जिस कारण वे यह खेल छोड़ने का मन बना चुके हैं. दूध बेचकर अपना जीवन यापन करने वाले लोकेश अब डाइट का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं.

लगातार खेलों में निखार लाने वाले लोकेश आर्थिक तंगी से निराश होते हुए नजर आ रहे हैं. इन्होंने इस खेल से दूरी बनानी भी शुरू कर दी है. देश में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो आर्थिक तंगी के चलते खेल से दूर होते जा रहे हैं. ऐसे में जरूरत है इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने और इन्हें मजबूत करने की.

Tags: Chhattisagrh news, Rajnandgaon news, Sports news

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