राजनांदगांव: बगैर तैयारी 18 सरकारी हिंदी मीडियम स्कूल बने इंग्लिश मीडियम

फाइल फोटो.

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए शिक्षा विभाग ने 18 हिन्दी माध्यम स्कूलों को इंग्लिश मीडियम में परिवर्तित कर दिया है.

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए शिक्षा विभाग ने जिले के 18 हिन्दी माध्यम स्कूलों को इंग्लिश मीडियम में परिवर्तित कर दिया है. नए शिक्षण सत्र से सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की जा रही है. पहले प्रयोग के तौर पर जिले के ब्लॉक मुख्यालय के एक-एक शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला का चयन किया गया है. संबंधित स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए प्रवेश भी प्रारंभ हो गया है.



एकाएक हिन्दी मीडियम स्कूल को अंग्रेजी में बदलाव करने से पालकों में असमंजस की स्थति बनी हुई है. क्योंकि उन स्कूलों में पांचवी तक हिन्दी मीडियम में पढ़ने वाले छात्रों को छठवीं कक्षा में प्रवेश लेने के बाद अब इंग्लिश में पढ़ाई करनी पड़ेगी. वहीं शिक्षा विभाग द्वारा इन स्कूलों में न तो शिक्षकों की व्यवस्था की गई है और न ही बच्चों को पुस्तकें मिली हैं.



कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर जर्जर भवनों में इंग्लिश मीडियम की कक्षाएं संचालित हो रही हैं. जिले के खैरागढ़, राजनादगांव जैसे ब्लॉकों में इंग्लिश मीडियम के स्कूल संचालित किया जा रहा है. पालक अपने बच्चों को प्राथमिक में हिन्दी माध्यम स्कूल में पढ़ाने के बाद अंग्रेजी माध्यम के मिडिल स्कूल में पढ़ाने के लिए सोच में पड़ गए हैं. स्थिति यह है कि जिले के 9 ब्लॉक मुख्यालय के 18 स्कूलों में बीते 18 जून से प्रवेश शुरू हो चुका है, लेकिन 66 प्रतिशत सीट अब भी खाली हैं.





खैरागढ़ के सरकारी स्कूल में कक्षा पहली और कक्षा 6वीं के बच्चों की इंग्लिश मीडियम सीबीएसई पैटर्न में पढ़ाई संचालित हो रही है, लेकिन न तो अभी तक इन बच्चों को पुस्तकें मिली हैं और न ही पढ़ाने के लिए शिक्षक. साथ ही कुछ स्कूलों की स्थिति तो जर्जर है. शिक्षिका ज्योति अग्रवाल का कहना है कि सरकार द्वारा पहली बार सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम में क्लास शुरू की गई है और अभी तक पुस्तकें नहीं आई हैं, लेकिन अपनी वयवस्था में क्लास में पढ़ाई करवाई जा रही है.
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