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अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में बने स्विमिंग पूल की गुणवत्ता पर कांग्रेस ने उठाया सवाल

Rakesh Kumar Yadav | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 15, 2018, 5:33 PM IST
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में बने स्विमिंग पूल की गुणवत्ता पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में बने स्विमिंग पूल की गुणवत्ता पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
Rakesh Kumar Yadav | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 15, 2018, 5:33 PM IST
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में करीब 3 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से बने अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल की गुणवत्ता पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है. आपको बता दें कि बीते 4 जनवरी को सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस पूल का उद्घाटन किया था. वहीं इस स्टेडियम को नगर निगम द्वारा करीब 3 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है.

बहरहाल, इस पूल निर्माण में अनियमितता को लेकर कांग्रेस नेता न्यायालय में याचिका लगाने की तैयारी कर रहे हैं. दरअसल, लंबे समय से शहर में स्विमिंग पूल की लोगों द्वारा मांग की जा रही थी.

सूबे के मुखिया और राजनांदगांव के विधायक रमन सिंह ने स्विमिंग पूल की सौगात दी है. इस स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय मापदंड़ों के अनुसार बनाया गया है. वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सचिव और पार्षद कुलबीर छाबरा ने कहा कि सरकार द्वारा यहां स्विमिंग पूल का रीमा को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, क्योंकि यहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है.

वहीं बोर कराने के बाद भी पूल में पानी नहीं है. बावजूद इसके हॉकी स्टेडियम के बाजू में स्विमिंग पूल का निर्माण करवाया गया. साथ ही कहा कि जिले के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. बीजेपी की सरकार पूल बनवा रही है.

मामले में कांग्रेस पार्षद कुलबीर छाबड़ा ने कहा कि इस स्विमिंग पूल को भ्रष्टाचार की पूल बताया. साथ ही निर्माणकार्यों में गुणवत्ता को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं. वहीं मामले में स्विमिंग पूल का निर्माण करने वाले ठेकेदार का कहना है कि इस पूल को अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के आधार पर बनवाया गया है. यहां पर स्विमिंग को लेकर सारी व्यवस्था है.

यहां पर महिला और पुरुष तैराकों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, टॉयलेट और ग्रीन लॉन बनाया गया है. साथ ही पानी की व्यवस्था और वाटर फ़िल्टर बनाने की बात कह रहे हैं. लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है. दरअसल, स्विमिंग पूल में पानी बाहर से लाकर डाला जा रहा है और स्विमिंग पूल का पानी गंदा भी है.

ऐसे में लोग कैसे स्विमिंग करेंगे. वहीं यहां बने टॉयलेट और चेंजिंग रूम में सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं. इस पूरे मामले में निगम आयुक्त अश्विनी देवांगन भी मान रहे हैं कि यहां पर पानी की कमी है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल के निर्माण को लेकर सवाल उठना लाजमी है.
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