महिला सरपंच बोलीं- प्रत्याशी के घर पहुंचाया गया प्रमाण पत्र, निरस्त करो चुनाव
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महिला सरपंच बोलीं- प्रत्याशी के घर पहुंचाया गया प्रमाण पत्र, निरस्त करो चुनाव
महिला सरपंच ने चुनाव को निरस्त करने की मांग की है.

सैकड़ों की संख्या में डोंगरगढ़ जनपद के नारायण गढ़ के सरपंच और पंच सहित ग्रामीणों कलेक्ट्रेट पहुंचे और पीठासीन के खिलाफ कार्रवाई करने और चुनाव को निरस्त करने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है.

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राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले की एक महिला सरपंच (Woman Sarpanch) ने एक बड़ा आरोप लगा दिया है. दरअसल, ग्राम पंचायत नारायणगढ़ की महिला सरपंच ने पीठासीन अधिकारी और नवनिर्वाचित उपसरपंच के बीच पैसे के लेनदेन का लगाया है. सैकड़ों की संख्या में डोंगरगढ़ जनपद के नारायण गढ़ के सरपंच और पंच सहित ग्रामीणों कलेक्ट्रेट पहुंचे और पीठासीन के खिलाफ कार्रवाई करने और चुनाव को निरस्त (Cancel Election) करने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है.


कलेक्टर से की मामले की शिकायत





डोंगरगढ़ जनपद के नारायणगढ़ के सैकड़ों ग्रामीण, सरपंच और पंच बुधवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा. नारायणगढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि उप सरपंच चुनाव में पीठासीन अधिकारी द्वारा समय रहते दूसरे प्रत्याशी को फॉर्म नहीं दिया गया. नवनिर्वाचित उप सरपंच जाफर अली के दबाव औरआपसी लेनदेन कर उसको उप सरपंच का प्रमाण पत्र उसके घर में जाकर दिया गया जो अनुचित है. ग्रामीणों ने पीठासीन अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ चुनाव को निरस्त करने की मांग की है.


क्या कहते है शिकायतकर्ता




दरअसल, डोंगरगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत  नारायणगढ़ में उप सरपंच चुनाव में पीठासीन अधिकारी द्वारा उपसरपंच प्रत्याशी तिलक राम निषाद के फार्म में त्रुटि होने के बाद दूसरा फ़ार्म  समय रहते नहीं  दिया गया और गांव के ही दूसरे उपसरपंच प्रत्याशी जाफर अली को उपसरपंच घोषित कर दिया गया. इसके बाद तिलक राम निषाद, ग्राम पंचायत नारायणगढ़ के सचिव, रोजगार सहायक और सरपंच ने इसका विरोध किया. बावजूद इसके पीठासीन अधिकारी ने जाफर अली  को प्रमाण पत्र दे दिया.




कलेक्टोरेट में पहुंचे किसान.





उपसरपंच प्रत्याशी तिलक राम निषाद का आरोप है कि पीठासीन अधिकारी ने जाफर अली से लेनदेन कर लिया. उसे उप सरपंच का प्रमाण पत्र पंचायत में ना देकर उसे घर में प्रशस्ति पत्र दिया गया है. गांव के 12 पंच और समस्त ग्रामवासी द्वारा आह्वान किए जाने पर भी ग्राम के सचिव एवं रोजगार सचिव  के कहने पर भी नामांकन फार्म समय रहते नहीं दिया गया और गलत तरीके से उपसरपंच घोषित कर दिया गया है. वहीं इस पूरे मामले में कलेक्टर जेपी मौर्य का कहना है कि इस मामले की जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी.  जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी.







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