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Rajnandgaon News: कहगांव में पैर धुलवाकर 25 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा, मचा बवाल

दावा किया गया है कि मानपुर ब्लाक के कहगांव में 25 परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है.

दावा किया गया है कि मानपुर ब्लाक के कहगांव में 25 परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है.

राजनांदगांव जिले के मानपुर ब्लॉक के कहांगांव में कुछ दिन पूर्व ही महार समाज की एक बैठक हुई जिसमें 25 परिवारों के पैर धुलवाकर उनके मूल धर्म में लाने का दावा किया गया. महार समाज के लोगों का आरोप है कि हमने धर्म परिवर्तन नहीं किया है, ना ही हम ईसाई धर्म अपनाए हैं.

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राजनंदगांव. प्रदेश सहित जिले भर में धर्मांतरण का मुद्दा सियासी बवाल मच आए हुए हैं. इसी बीच मानपुर ब्लाक के कहगांव में 25 परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है. यह परिवार भी ईसाई धर्म अपना चुके थे, जिन्हें भाजपा नेत्री नम्रता सिंह की मौजूदगी में समझाइश देकर और इनके पैर धुलवाकर समाज में लाया गया. महार समाज के लोगों का आरोप है कि हमने धर्म परिवर्तन नहीं किया है, ना ही हम ईसाई धर्म अपनाए हैं. उसके बाद भी हमारा पैर धोकर समाज के लोगों ने और भाजपा नेत्री ने मूल धर्म में लाने की बात कहकर पैर धोकर हमें समाज में लाया. अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

राजनांदगांव जिले के मानपुर ब्लॉक के कहांगांव में कुछ दिन पूर्व ही महार समाज की एक बैठक हुई जिसमें 25 परिवारों के पैर धुलवाकर उनके मूल धर्म में लाने का दावा किया गया. मौजूद महार समाज के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि महज 5 से 6 लोगों का ही पैर धुलवाया गया और हम लोग ईसाई धर्म में अपना धर्म परिवर्तन नहीं किया है. इसके बाद भी सामाजिक लोगो और भाजपा नेत्री नम्रता सिंह ने हमारा पैर धुलवाया और हमारे मूल धर्म में वापसी की बात कहीं गई जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. हमने अपना धर्म नहीं छोड़ा है. पता नहीं क्यों हमारा पैर धुलवा कर हमारे साथ ऐसा किया गया. पूरे मामले में भाजपा नेत्री नम्रता सिंह का कहना है कि उन्हें महार समाज के लोगों के द्वारा उस कार्यक्रम में बुलाया गया था और वह वहां पहुंची थी जिसके बाद सामाजिक कार्यक्रम में महार समाज के जिन लोगों के द्वारा ईसाई धर्म अपनाने की बात कही गई थी, उनके पैर धोकर उन्हें मूल धर्म में वापसी कराई गई थी.

नम्रता सिंह का यह भी कहना है कि समाज के लोगों ने बताया कि 25 परिवारों ने वापसी की है. ईसाई समाज के जिलाध्यक्ष रज्जू जान का कहना है कि महार समाज के कुछ लोग यीशु मसीह की प्रार्थना करते थे और चर्च जाते थे जबकि उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है. प्रार्थना करने और चर्च जाने से कोई भी ईसाई नहीं हो जाता और उन्होंने आरोप लगाया कि नम्रता सिंह के द्वारा इन्हें पैर धोकर मूल धर्म में वापसी कराई गई लेकिन जिन्हें मूल धर्म में वापसी कराई गई है. वह ईसाई धर्म में आए ही नहीं थे, जबरदस्ती का राजनीतिक प्रोपेगेंडा है जो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका उपयोग भाजपा करेगी.

धर्म परिवर्तन को लेकर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है. उसके बाद यह घटना सामने आ रही है तो अब राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आने लगा है. बहरहाल देखना यह होगा कि यह राजनीतिक बयानबाजी आने वाले विधानसभा में क्या रंग लाती है.

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