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Chhattisgarh News: राजनांदगांव में शाम होते ही बजने लगती हैं सीटियां, जानिए क्या है पूरा मामला

Chhattisgarh News: राजनांदगांव में शाम होते ही बजने लगती हैं सीटियां, जानिए क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में हेल्थ वर्कर्स गांवो में शाम होते ही सीटियां बजाती हैं. इनका मकसद लोगों को मलेरिया-डेंगू के प्रति जागरूक करना है. (सांकेतिक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में हेल्थ वर्कर्स गांवो में शाम होते ही सीटियां बजाती हैं. इनका मकसद लोगों को मलेरिया-डेंगू के प्रति जागरूक करना है. (सांकेतिक तस्वीर)

Chhattisgarh News: राजनांदगांव से अजीबो-गरीब खबर आई है. यहां हेल्थ वर्कर्स गांव में जा-जाकर सीटियां बजा रहे हैं. इसकी वजह है मलेरिया-डेंगू का बढ़ता खतरा. ये हेल्थ वर्कर सीटियां बजाकर लोगों को मच्छरदानी लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इसका लोगों पर सकारात्मक प्रभाव भी दिख रहा है.

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  • News18Hindi
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    राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले और इसके सुदूर इलाकों में इन दिनों शाम ढलते ही सीटियों की आवाजें आने लगती हैं. ये सीटियां लोगों को बताती हैं कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इसलिए मलेरिया और डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें. लापरवाही बिल्कुल न बरतें.

    जिला कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने बताया कि हेल्थ वर्कर जिले के सूदूर इलाकों में जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं. उन्हें मच्छरदानी के इस्तेमाल के लिए प्रेरित कर रही हैं. गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथिलेश चौधरी के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले के विकासखंड व ग्राम स्तर पर मलेरिया एवं डेंगू उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. यहां लोगों की मलेरिया-डेंगू की टेस्टिंग के साथ-साथ मच्छरदानी भी बांटी जा रही है. हेल्थ वर्कर शाम को सीटी बजाकर लोगों को जागरुक कर रही हैं.

    इन जिलों और विकासखंडों पर ज्यादा फोकस

    जानकारी के मुताबिक, इस अभियान को मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान कहा जा रहा है. इसके तहत सर्वे टीम मानपुर, मोहला, खैरागढ़, छुईखदान, छुरिया तथा डोंगरगढ विकासखंडों के 199 संवेदनशील गांव और महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के सीमा क्षेत्र के सभी गांव, सीआरपीएफ, आईटीबीपी कैम्प, पुलिस चौकी एवं अन्य स्थानों पर मलेरिया का पता लगा रही है. अति संवेदनशील 151 गांवों में DDT पावडर का छिड़काव भी किया जा रहा है.

    राज्य के इस संभाग में भी पहुंचाई जा रही सुविधाएं

    गौरतलब है कि बरसों से आवश्यक सुविधाओं से वंचित रहे छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में भी अब सरकारी सेवायें तेजी से पहुचंने लग गई हैं. सरकार यहां शिविरों के माध्यम (Camp-Strategy) से ग्रामीणों को आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड बनाकर और पेंशन प्रकरणों का निस्तारण कर राहत ग्रामीणों को पहुंचाने में जुटी है. यहां तक कि कई जगह तो इन शिविरों तक ग्रामीणों को लाने और वापस छोड़ने के लिये वाहनों की व्यवस्था भी की गई. इसी का परिणाम है कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण कई स्थानों पर सरकार को शिविरों की निर्धारित अवधि को भी आगे बढ़ाना पड़ा. आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया जाकर उन्हें राहत पहुंचायी जायेगी.

    Tags: Chhattisgarh news, Dengue, Malaria

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