छत्तीसगढ़ के अस्पताल का आलम, लीकेज मिला तो टेप से चिपके ऑक्सीजन मास्क लगाए

टेप से चिपका ऑक्सीजन मास्क लगाए मरीज़.

टेप से चिपका ऑक्सीजन मास्क लगाए मरीज़.

राज्य में पहले ही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर संकट है और उस पर लापरवाही का उदाहरण यह है कि राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज़ों को जो ऑक्सीजन मास्क लगाए गए, वो जगह जगह से टेप से चिपके मिले.

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राजनांदगांव. शहर के बसंतपुर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में लोगों की सुविधा के लिए ऑक्सीजन मास्क वेंटिलेटर मशीन उपलब्ध है, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि मास्क में लीकेज पाया गया. यही नहीं, लीक होने पर टेप चिपकाए गए मास्क का इस्तेमाल लोगों को ऑक्सीजन देने के लिए किया जा रहा है. आशंका यह भी जताई गई है कि कभी भी लीकेज होने से मरीज़ की जान पर बात आ सकती है.

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 5 वेंटिलेटर मशीन फिलहाल चालू हैं. कोरोना काल में लोग कोरोना से नहीं बल्कि बिगड़े सिस्टम से जूझने पर ज़्यादा मजबूर हैं. अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर गए मरीज़ों को टेप​ चिपकाया गया मास्क लगाया जा रहा है. जानकारों की मानें तो अगर टेप में ज़रा भी लीकेज होता है, तो बात मरीज़ की जान पर आ सकती है. इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन इस ज़रूरी उपकरण का स्टॉक तक नहीं करा पा रहा है.

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राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लीकेज मास्क मरीज़ों को लगाए गए.

इस मामले में अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. सीएस मोहबे से बात की गई तो उनका कहना था 'स्थानीय अखबारों से पता चला ​कि मास्क में लीकेज की समस्या है. हमने संबंधित कंपनी से शिकायत की है. ऑक्सीजन मास्क में टेप लगाकर चलाया जा रहा है, लेकिन इससे पेशेंट की जान को कोई खतरा नहीं है. इससे सिलेंडर का लोड बढ़ रहा है लेकिन पेशेंट को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल रही है.'

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