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मदनवाड़ा नक्सली हमला: 11 साल बाद होगी न्यायिक जांच, 29 जवानों की शहादत को मिलेगा इंसाफ!

मदनवाड़ा नक्सली हमले में 29 जवान शहीद हो गए थें.

मदनवाड़ा नक्सली हमले में 29 जवान शहीद हो गए थें.

11 साल बाद प्रदेश सरकार द्वारा न्यायिक जांच के आदेश दिए गए. अब आदेश आने के बाद सभी शहीद के परिजन खुश नजर आ रहे हैं.

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राजनांदागांव. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) प्रदेश की पहली सबसे बड़ी नक्सल वारदात (Naxal incident) जो 2009 में हुई थी जिसमें तात्कालीन एसपी विनोद चौबे सहित 29 जवान शहीद हुए थे. 11 साल बाद प्रदेश सरकार द्वारा न्यायिक जांच (Judicial Investigation) के आदेश दिए गए. अब आदेश आने के बाद सभी शहीद के परिजन खुश नजर आ रहे है, वहीं शहीद परिजनों को वर्षों की मांग पूरी हुई, अब नतीजों का इंतजार शहीदों के परिजनों को रहेगा. बता दें कि जिले के मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेट हाइवे मार्ग पर मानपुर से महज 7 किलोमीटर दूर आने वाले कोरकोटटी में 12 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने एक बड़ा एम्बुस लगा रखा था, जिसमें पुलिस के जवान फस गए और नक्सलियों द्वारा मारे गए.

29 जवान हुए थे शहीद

नक्सलियों ने सबसे पहले मानपुर थाना के अंतर्गत आने वाले मदनवाड़ा (Madanvada Naxal Attack) गांव में जिला पुलिस द्वारा एक बैस कैम्प हाल ही में स्थापित किया गया था, जिससे नक्सली नाराज थे. नक्सलियों ने सबसे पहले हमला मदनवाड़ा में ही किया. घटना की सुबह 6 बजे जब दो पुलिस के जवान बैस कैम्प से कुछ ही दूरी पर गए थे. नक्सलियों ने उन्हें मार गिराया. घटना की जानकारी जिला मुख्यालय पहुंची. जिले के तत्कालीन एसपी विनोद चौबे ने उस समय के तात्कालीन आईजी मुकेश गुप्ता को घटना की जानकारी दी. उसके बाद आईजी के द्वारा एसपी को निर्देशित किया गया कि आसपास के सभी थानों से बल मानपुर भेजने के आदेश दिए.

मदनवाड़ा जाने वाले स्टेट हाइवे मार्ग पर मानपुर से महज 7 किलोमीटर दूर करीब 250 से 300 की संख्या में महिला, पुरुष नक्सली एम्बुस लगाए बैठे थे. जैसे ही पुलिस के जवान नक्सलियों के एम्बुस में फंसे नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी. घटना में तात्कालीन एसपी  विनोद चौबे सहित 29 जवान शहीद हुए थे. सभी जवानों के रायफल, पिस्टल, बेल्ट, विसल मौके से नक्सली लूटकर ले गए थे. करीब 2 घण्टे तक घटना स्थल पर नक्सलियों का तांडव जारी था.

शहीद प्रकाश वर्मा की बेटी दीप्ति वर्मा का कहना है कि आदेश से काफी खुशी है. वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई. अब जांच में आने वाली जानकारी का इंतजार रहेगा.


 शहीद के परिजनों में खुशी

घटना के समय प्रदेश में डॉ. रमन सिंह की भाजपा सरकार थी और विपक्ष में कांग्रेस बैठी थी. उस समय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और भूपेश बघेल खुद मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में एक बार फिर शहीदों के परिजनों ने शहीद विनोद चौबे की पत्नी की अगुवाई में न्यायिक जांच की मांग की जिसे मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकार करते हुए जांच के आदेश दे दिए. शहीद प्रकाश वर्मा की बेटी दीप्ति वर्मा का कहना है कि आदेश से काफी खुशी है. वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई. अब जांच में आने वाली जानकारी का इंतजार रहेगा.



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