लाइव टीवी

बीजापुर मुठभेड़ में शहीद हुआ राजनांदगांव का जवान पूर्णानंद, एक महीने बाद थी शादी

Rakesh Kumar Yadav | News18 Chhattisgarh
Updated: February 11, 2020, 4:39 PM IST
बीजापुर मुठभेड़ में शहीद हुआ राजनांदगांव का जवान पूर्णानंद, एक महीने बाद थी शादी
नम आंखों से दी गई शहीद जवान को विदाई.

शहीद पूर्णानन्द के परिवार में माता-पिता के अलावा 1 बड़ी बहन, 2 छोटे भाई और 3 बहन हैं. पूर्णानन्द का विवाह अगले माह मार्च में तय हुआ था.

  • Share this:
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर (Bijapur) जिले में सोमवार को हुए पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ (Police Naxalite Encounter) में सीआरपीएफ (CRPF) के 6 जवान घायल हो गए थे. दो जवान मुठभेड़ में शहीद हो गए थे. शहीद जवानों में एक जवान राजनांदगांव जिले के जंगलपुर का निवासी था. मंगलवार सुबह शहीद पूर्णानन्द का पार्थिव शरीर गृहग्राम लाया गया, जहां पूरे गांव ने शहीद पूर्णानन्द को भारत माता की जय, पूर्णानन्द अमर रहे के नारों के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई (Last Farewell) दी. जिले के लालबाग थाना क्षेत्र के जंगलपुर में रहने वाला पूर्णानंद देश भक्ति का जज्बा लेकर 2013 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था. पूर्णानन्द की पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir)  में हुई थी. हाल ही में पूर्णानन्द छत्तीसगढ़ के बीजापुर में ट्रांसफर के दौरान नियुक्त हुए था. शहीद पूर्णानन्द के परिवार में माता-पिता के अलावा 1 बड़ी बहन, 2 छोटे भाई और 3 बहन हैं. पूर्णानन्द का विवाह अगले माह मार्च में तय हुआ था.


गमगीन हुआ पूरा गांव



घटना की सूचना सोमवार दोपहर जब गांव में लगी तब से पूरा गांव वीरान और गमगीन हो गया. मंगलवार सुबह से ही पूरा गांव अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन करने इकट्ठे हो गए थे. जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को गृहग्राम जंगलपुर लाया गया, वाहनों का काफिला देख पूर्णानन्द अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगने लगे. शहीद के घर में परिवार के अलावा पूरा गांव हजारों की संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा.


पूर्णानन्द का विवाह अगले माह मार्च में तय हुआ था.




शहीद के पिता ने कहा- बेटे पर फक्र है मुझे  


शहीद पूर्णानन्द के पिता लक्ष्मण साहू ने बताया कि मैं खुद पुलिस में जाना चाहता था, लेकिन नहीं जा पाया. बेटा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत था. ना जाने कब बेटे ने फोर्स में जाने का मन बनाया और सीआरपीएफ में भर्ती हो गया. जब फोर्स में चयन हुआ तब मुझे पता चला. उस दिन मैंने मान लिया था कि अब पूर्णानन्द मेरा बेटा नहीं रहा, अब ये देश का बेटा हो गया, मुझे मेरे बेटे की शहादत पर गर्व है.



शहीद पूर्णानन्द के पिता लक्ष्मण साहू ने कहा मुझे मेरे बेटे पर नाज है.




 शाहिद के पिता लक्ष्मण साहू ने कहा कि बेटा का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे सीआरपीएफ के जवानों  के साथ जिले कलेक्टर जेपी. मौर्य, एसपी ध्रुव और पुलिस विभाग के आला अधिकारी आए थे. शहीद के पार्थिव शरीर को घर से शहीद के खेत तक बाजे-गाजे के साथ कंधो में लेकर गए, वहां शहीद पूर्णानन्द को सीआरपीएफ के जवानों ने गॉड ऑफ ऑनर दिया.







ये भी पढ़ें: 








News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए राजनांदगांव से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 11, 2020, 4:17 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर