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छत्तीसगढ़ में ट्रेनें रद्द होने पर कंगाली झेल रहे कुली और ऑटो चालक, स्टेशनों पर घटी यात्रियों की संख्या

छत्तीसगढ़ में ट्रेनें रद्द होने पर कंगाली झेल रहे कुली और ऑटो चालक, स्टेशनों पर घटी यात्रियों की संख्या

राजनंदगांव डोंगरगढ़ से 2000 से अधिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते थे. जिसमें नौकरी पेशा छात्र और देहाडी मजदूर शामिल हैं.

राजनंदगांव डोंगरगढ़ से 2000 से अधिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते थे. जिसमें नौकरी पेशा छात्र और देहाडी मजदूर शामिल हैं.

छत्तीसगढ़ में बीते दिनों से लगातार ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला जारी है. ऐसे में यात्रियों को काफी से समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या में काफी कमी देखी गई है. राजनांदगांव स्टेशन से कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है. जिससे यहां यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है. इस कारण यहां के ऑटो चालक और कुलियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने लगा है. यहां पहले रोजाना 2 हजार से भी ज्यादा यात्री सफर करते थे. अब यहां यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.

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राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ में बीते दिनों से लगातार रेल यात्री परेशान हैं. कई दिनों से ट्रेनों के रद्द किए जाने का सिलसिला लगातार जारी है. वहीं ट्रेनें रद्द होने पर यात्री तो परेशान हैं ही इसके अलावा कुली और ऑटो चालकों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. ट्रेनों के रद्द होने के कारण स्टेशन में मौजूद कुलियों को काम नहीं मिल पा रहा है और लगातार ट्रेनें रद्द हो रही हैं.

जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है. साथ ही ऑटो चालकों की स्थिति भी खराब हो रही है. वहीं यात्री भी ट्रेनों के रद्द होने से परेशान हैं. राजनंदगांव डोंगरगढ़ से 2000 से अधिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते थे. जिसमें नौकरी पेशा छात्र और देहाडी मजदूर शामिल हैं.

रेलवे का दावा- जल्द आएगा सुधार
वहीं रेलवे स्टेशन प्रबंधक का कहना है कि तीसरी लाइन का काम और नॉन इंटरलॉकिंग काम के कारण ज्यादातर ट्रेनें रद्द हो रही हैं. स्थिति में बहुत ही जल्दी सुधार आएगा. ट्रेनें नियमित रूप से चलने लगेंगी. लेकिन स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है. लगातार ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है. जिससे यात्री तो परेशान हो ही रहे हैं. साथ ही कुली और ऑटो चालक की भी आर्थिक स्थिति अब खराब होने लगी है. ट्रेनों के रद्द होने से कुली और ऑटो चालक सहित यात्रियों को बहुत फर्क पड़ा है. लेकिन अपना जीवन यापन करने वाले कुलियों के लिए स्थिति विकट हो गई है. यह अब आर्थिक संकट से जूझने लगे हैं. बहरहाल देखना होगा कि स्थिति में कब तक सुधार आ पाता है.

Tags: Chhattisgarh news

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