रामविचार नेताम: लोकसभा चुनाव में निकाला 15 लाख का जिन्न, छत्तीसगढ़ कोटे से बन सकते हैं मंत्री

छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के बाद सबसे ज्यादा चर्चा राज्यसभा सांसद व आदिवासी नेता रामविचार नेताम के नाम को लेकर हो रही है.

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 12:38 PM IST
रामविचार नेताम: लोकसभा चुनाव में निकाला 15 लाख का जिन्न, छत्तीसगढ़ कोटे से बन सकते हैं मंत्री
रामविचार नेताम.
निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 12:38 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 में एकतरफा जनमत के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पीएम नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री कौन कौन होंगे? छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के बाद सबसे ज्यादा चर्चा राज्यसभा सांसद व आदिवासी नेता रामविचार नेताम के नाम को लेकर हो रही है. हालांकि इन दोनों नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और दुर्ग सीट से प्रदेश में सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले सांसद विजय बघेल को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चा है.

लोकसभा चुनाव 2014 से पहले खूब चर्चा में रहा हर खाते में 15 लाख रुपये डाले जाने का जिन्न को छत्तीसगढ़ बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने 2019 के चुनाव में फिर से निकाला. एक बयान में रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कभी भी किसी मंच से 15 लाख रुपये हर व्यक्ति के खाते में डालने की घोषणा नहीं की. इस बयान की चर्चा पूरे देश के मीडिया में हुई.

विरोधियों को चुनौती
रामविचार नेताम ने चुनौती देते हुए कहा कि 15 लाख रुपये हर व्यक्ति के खाते में डालने के प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान का 24 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करने वाले को भारतीय जनता पार्टी 1 करोड़ का इनाम देगी. इसके बाद सियासी हलचलें बढ़ गईं. कांग्रेस की ओर से लगातार आरोप लगाए गए. ऐसे में जानना जरूरी है कि एक बार फिर 15 लाख रुपये हर खाते में का जिन्न निकालने वाले और मोदी कैबिनेट में शामिल होने वालों की दौड़ में शामिल रामविचार नेताम की सियासी हैसियत आखिर क्या है?

5 बार विधायक, दो बार मंत्री
छत्तीसगढ़ बीजेपी के वरिष्ठ आदिवासी नेता रामविचार नेताम लगातार पांच बार विधायक और राज्य सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं. नेताम साल 1990 में पहली बार सरगुजा की पाल सीट से विधायक बने. इसके बाद 2013 तक लगातार विधायक रहे. इस दौरान साल 2003 से 2008 और 2008 से 2013 तक की राज्य सरकार में मंत्री रहे. फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में बलरामपुर सीट से कांग्रेस के बृ​हस्पति सिंह से चुनाव हार गए. इसके बाद साल 2016 में वे छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए.

कक्षा 11वीं तक पढ़ाई करने वाले रामविचार नेताम राज्य सरकार में साल 2008 से 2013 के कार्यकाल में करीब तीन साल तक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री भी रहे. प्रदेश में बड़े आदिवासी नेता के रूप में इनकी पहचान है. आदिवासी हित में कार्य करने वाले नेताओं के रूप में इनकी छवि सरगुजा क्षेत्र में अच्छी है. भाजपा संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व में इनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है.
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First published: May 30, 2019, 12:36 PM IST
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