कहानी एक एनकाउंटर की: जब पुलिस वाले भाई के सामने आई नक्सल कमांडर बहन फिर...
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कहानी एक एनकाउंटर की: जब पुलिस वाले भाई के सामने आई नक्सल कमांडर बहन फिर...
बीती 29 जुलाई को वो दिन भी आया जब वेट्टी रामा (43) की मुठभेड़ अपनी नक्सली बहन वेट्टी कन्नी (50) से हो गई.

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक पुलिसवाला भाई अपनी नक्सली बहन की तलाश कर रहा है जिसके सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.

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  • Last Updated: August 9, 2019, 8:22 AM IST
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भारतीय सिनेमा की सर्वकालिक ख्यातिनाम फिल्मों में शुमार की जाने वाली दीवार फिल्म के एक सीन में मंदिर से बाहर निकलते वक्त दो भाई (अमिताभ बच्चन और शशि कपूर) अलग-अलग रास्तों पर दिखाए गए थे. ये सीन प्रतीकात्मक था. फिल्म जब आगे बढ़ती है तो दोनों भाइयों की राहें एक-दूसरे से जुदा हो जाती हैं. कुछ ऐसी ही कहानी इस समय भारत खनिज सम्पन्न राज्य कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में घट रही है. अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ का एक पुलिसवाला भाई अपनी नक्सली बहन की तलाश में लगा है जिसके सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.

29 जुलाई को हुई मुठभेड़
बीती 29 जुलाई को वो दिन भी आया जब वेट्टी रामा (43) की मुठभेड़ अपनी नक्सली बहन वेट्टी कन्नी (50) से हो गई. वेट्टी रामा करीब 140 सुरक्षाकर्मियों के साथ थे. सुकमा जिले में इन्हें एक नक्सली कैंप होने की जानकारी मिली थी. लेकिन जैसे ही सुरक्षाकर्मी नक्सली कैंप के नजदीक पहुंचे वेट्टी रामा की नजर अपनी बहन कन्नी पर पड़ी. लेकिन पलभर के भीतर कन्नी के बॉडी गार्ड ने वेट्टी रामा पर गोलियां चला दीं. जवाब में रामा की तरफ से भी गोलियां दागी गईं. इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों की मौत हो गई. कन्नी वहां से निकल कर भागने में कामयाब हो गई. लेकिन रामा की तलाश अब भी जारी है.

'मैं उस पर गोलियां नहीं चलाना चाहता था'



रामा कहते हैं,' मैं उस पर गोलियां नहीं चलाना चाहता था. हमने तो गोलियां इसलिए चलाईं क्योंकि उसके (कन्नी) गार्ड ने फायर कर दिया. कुछ देर बाद मैंने कन्नी को भी गोलियां चलाते देखा. मुठभेड़ के दौरान ही वह भाग निकली.'



कभी भाई बहन दोनों ने पकड़ी थी नक्सलवाद की राह
कन्नी बड़ी नक्सली लीडर है और उसके सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम है. गौरतलब है कि 90 के दशक की शुरुआत में दोनों भाई-बहनों ने नक्सलवाद की राह साथ ही पकड़ी थी. रामा के मुताबिक तब उन्हें यह बताया गया था कि यह मूवमेंट गरीबों के लिए है. लेकिन बाद में उन्हें यह सब गलत लगा. रामा ने 2018 में सरेंडर कर दिया था. अब वो सुकमा पुलिस के गोपनीय सैनिक हैं. गोपनीय पुलिस का पद छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वीकृत कर रखा है. जिले का एसपी इन पदों पर नियुक्ति करता है. रामा जब नक्सली हुआ करता था तब उसके सिर पर साढ़े छह लाख का इनाम हुआ करता था. लेकिन अब वो पुलिस की मदद कर रहा है.

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