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घायल साथी की जान बचाने के लिए 16 किलोमीटर पैदल स्ट्रेक्चर में लेकर पहुंचे जवान

घायल साथी की जान बचाने के लिए 16 किलोमीटर पैदल स्ट्रेक्चर में लेकर पहुंचे जवान

ऑपरेशन प्रहार के बाद सुरक्षा बल के जवानों द्वारा नक्सलियों के कैंप को ध्वस्त किया गया.

ऑपरेशन प्रहार के बाद सुरक्षा बल के जवानों द्वारा नक्सलियों के कैंप को ध्वस्त किया गया.

छत्तीसगढ़ के सुकमा में डब्बामरका गांव के समीप तालाब के पास से जब जवान गुजर रहे थे, तभी अचानक पीछे से कुछ नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी.

    छत्तीसगढ़ के सुकमा में डब्बामरका गांव के समीप तालाब के पास से जब जवान गुजर रहे थे, तभी अचानक पीछे से कुछ नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी. इधर जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अचानक हुए हमले में एसटीएफ के दो जवान घायल हो गए. नक्सली भी वहां से भाग गए. इधर शाम हो रही थी और वहां पर हेलीकाप्टर उतारने की कोशिश की जा रही थी कि अचानक फिर से नक्सलियों ने फायरिंग की. सुरक्षा बल के जवान ने घायल साथियों की जान बचाने के लिए स्ट्रेक्चर पर करीब 16 किलोमीटर जंगलों के रास्ते पैदल चलकर किस्टाराम थाने पहुंचे, जहां से हेलीकाप्टर से जवानों को रायपुर भेजा गया.

    सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते ऑपरेशन प्रहार-4 को लेकर जानकारी दी. एसपी शुक्ला ने बताया कि  बताया कि तेलंगाना पुलिस और स्थानीय सूत्रो से जानकारी मिल रही थी कि मेटागुड़म, ईरापल्ली व बटेलंका के आसपास नक्सली लीडर हिड़मा और बटालियन के बड़े-बड़े टेंट लगे हुए हैं. उसके बाद बैठक कर एक संयुक्त ऑपरेशन किया गया.

    एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि डीआरजी, एसटीएफ व कोबरा की संयुक्त पार्टी उस इलाके के लिए भेजी गई, लेकिन ईरापल्ली, बटेलंका को हिट करने के लिए बीजापुर से निकली डीआरजी व कोबरा 201 निकली थी. वो इलाका खासकर बटेलंका, मेटागुड़ेम व ईरापल्ली जहां अभी तक आन्ध्र की ग्रेहाउण्ड्स ही जाती रही है. लेकिन पहली बार हमारी फोर्स को उतारा गया है. चूंकि वो इलाका सीमावर्ती वाला है जहां पर नक्सली सुरक्षित ठिकाना मानते है. लेकिन पहली बार उस इलाके में फोर्स ने दस्तक दी बल्कि लगातार दिनभर नक्सलियों के साथ फायरिंग की है.

    कहीं जंगल तो कही रात में उतरा हेलीकाप्टर
    इस ऑपरेशन में घायलों की मदद के लिए तैनात हेलीकाप्टर को जंगल में उतारा गया. जानकारी देते हुए सीआरपीएफ के डीआईजी संजय यादव ने बताया कि जब पहली फायरिंग हुई थी जिसमें कोबरा का जवान घायल हुआ था. तब वहां जंगल में हेलीकाप्टर उतारा गया था और घायल जवान को रायपुर भेजा गया था. वही दोपहर को डब्बामरका में मुठभेड़ हुई थी लेकिन वहां फायरिंग चल रही थी इसलिए रात करीब साढे़ सात बजे अंधेरे में किस्टाराम थाने के सामने हेलीपेड़ पर हेलीकाप्टर उतारा गया.
    (सुकमा से सतीश चांडक की रिपोर्ट)
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    Tags: Chhattisgarh news, CRPF, Encounter in sukma, Raipur news

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