सुकमा मुठभेड़ मामला: छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये दलीलें

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने हलफनामे में 2007 से लेकर 22 अगस्त 2018 तक हुए हमले का रिकॉर्ड दाखिल किया. दावा है कि सुकमा मुठभेड़ में 15 नक्सलियों को मारा गया था.

News18 Chhattisgarh
Updated: August 29, 2018, 5:07 PM IST
सुकमा मुठभेड़ मामला: छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये दलीलें
सुप्रीम कोर्ट
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Updated: August 29, 2018, 5:07 PM IST
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 6 अगस्त 2018 को सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ में 15 नक्सलियों को मारा गया था. समाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताया था और मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस याचिका के खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपना पक्ष रखा है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने हलफनामे में 2007 से लेकर 22 अगस्त 2018 तक हुए हमले का रिकॉर्ड दाखिल किया. रिकॉर्ड में छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में 1027 जवान घायल हुए, 1020 जवान शहीद हुए और 45 सरकारी अधिकारी भी मारे गए. वहीं अपने हलफनामे में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता ने जो फोटो सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है, वह फोटो 6 अगस्त को सुकमा में हुए मुठभेड़ के नहीं है. कोई भी महिला और बच्चे 6 अगस्त को हुए नक्सली मुड़भेड़ में नहीं मारे गए हैं.

अपने हलफनामे में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी कहा कि 6 अगस्त को जो नक्सली मुड़भेड़ सुकमा में हुई थी, उसमें 15 नक्सली मारे गए. सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि सुकमा जिला देश का सबसे ज्‍यादा नक्सल प्रभावित जिला है. वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने हलफनामे में यह भी कहा छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सली बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिस पर सरकार जांच कर रही है. सरकार ने अपने दाखिल हलफनामे में यह भी कहा कि जो जो याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर दे. क्योंकि याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश किए हैं.
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