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सुकमा नक्सली मुठभेड़: 17 जवानों की निर्मम हत्या की कहानी, साथी जवान की जुबानी
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News18 Chhattisgarh
Updated: March 23, 2020, 1:22 PM IST
सुकमा नक्सली मुठभेड़: 17 जवानों की निर्मम हत्या की कहानी, साथी जवान की जुबानी
सुकमा में सीएम भूपेश बघेल से चर्चा करता डीआरजी जवान.

सुकमा पुलिस लाइन में सोमवार को अपने शहीद साथियों को अंतिम सलामी देने पहुंचा डीआरजी का जवान अजय अपने जज्बात रोक नहीं सका.

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सुकमा. हमारी पार्टी टारगेट प्वाइंट से सर्चिग करने के बाद कैम्प लौट रही थी तभी मिनपा के पास छोटी सी पहाड़ी पर नक्सली घात लगाकर बैठे थे. हमारे नजदीक आते ही नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिग कर दी. हमनें भी जवाबी कार्रवाई की. चार घंटे तक मुठभेड़ चली. हमारे साथियों को गोली लग रही थी और हम उन्हें कवर रहे रहे थे. हमनें भी नक्सलियों पर काफी देर तक फायरिंग की. नक्सलियों के पहाड़ी पर छुपकर फायरिंग करने का हमको नुकसान हुआ और मुठभेड़ में हमारे साथी जवान शहीद हो गए. ये बातें मुठभेड़ में शामिल डीआरजी जवान अजय कुमार ने न्यूज18 से चर्चा करते हुए कही.

सुकमा पुलिस लाइन में सोमवार को अपने शहीद साथियों को अंतिम सलामी देने पहुंचा डीआरजी का जवान अजय अपने जज्बात रोक नहीं सका. न्यूज18 से चर्चा करते हुए घटनाक्रम की थोड़ी जानकारी दी. जवान ने कहा कि हमारे से ज्यादा नक्सली थे और अत्याधुनिक हथियारों से हमारे पर हमला किया. हमने भी बहादुरी के साथ उनका सामना किया, लेकिन पहाड़ी पर नक्सली होने के कारण हमारा नुकसान हो गया. मैंने अपने दोस्त खो दिए हैं. इस मुठभेड़ में डीआरजी के 12 साथी शहीद हो गए. जब हम टारगेट प्वाइंट पर जा रहे थे, तब नक्सलियों ने कोई हमला नहीं किया, लेकिन वापसी में एंबुश में नक्सलियों ने हमें फंसाने की कोशिश की.

Chhattisgarh
न्यूज 18 से चर्चा करता डीआरजी का जवान.


हौसले बुलंद और उसी भाषा में जवाब देने तैयार



नम आंखो और बुलंद हौसले के साथ बात कर रहे अजय ने कहा कि अब नक्सलियों की बारी है. उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देने को हम तैयार हैं. हमारे साथी शहीद हुए हैं, लेकिन हमारा हौसला टूटा नहीं है. मनोबल अभी भी मजबूत है. आने वाले दिनों में नक्सलियों पर हमला करेंगे और इसी तरह उनसे लोहा लेते रहेंगे. हमारे साथियों का बदला जरूर लेंगे.

पहली बार डीआरजी को इतना बड़ा नुकसान
बता दें कि हमेशा से नक्सलियों पर डीआरजी के जवान भारी रहे हैं. जब से डीआरजी का गठन हुआ है, उसके बाद पहली बार इतना बड़ा डीआरजी के जवानों को नुकशान हुआ है. स्थानीय होने का फायदा हमेशा से जवानों को मिला है. यही वजह है कि नक्सल मोर्च पर डीआरजी के जवान हमेशा सफल हुए हैं. लेकिन सुकमा के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के मिनपा में नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकले जवानों को निशाना बनाया. इसमें डीआरजी के 12 और एसटीएफ के 5 जवान शहीद हो गए. 15 जवान घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है. 2 की हालत गंभीर है.

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First published: March 23, 2020, 1:22 PM IST
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