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    मिसाल: ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं ये ANM कार्यकर्ता, फिर भी 11 सालों से ऐसे कर रही लोगों की मदद

    पुष्पा तिग्गा पिछले 11 सालों से यहां पदस्थ हैं और लोगों की मदद कर रही हैं. आवागमन का साधन नहीं होने के कारण आज भी वो 16 किमी. दूर कुकानार से साइकिल पर आना-जाना करती है.

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    पिछले एक साल से ANM (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) पुष्पा तिग्गा ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं. फिर भी घोर नक्सल प्रभावित इलाका कुन्ना में वे अपनी सेवाए दे रही हैं. पुष्पा तिग्गा पिछले 11 सालों से यहां पदस्थ हैं और  लोगों की मदद कर रही हैं. आवागमन का साधन नहीं होने के कारण आज भी वो 16 किमी. दूर कुकानार से साइकिल पर आना-जाना करती है. मालूम हो कि कुन्ना ऐसा इलाका है जहां हर साल कोई न कोई बीमारी महामारी का रूप ले ही लेती है. ऐसे इलाके में पदस्थ इस स्वास्थ्य कार्यकर्ता को गांव वाले भी जाने नहीं देना चाहते. बीमार होने के बावजूद आज भी वे अपनी सेवाएं दे रही हैं. बतातें है कि ये नर्स अभी तक 50 डिलवरी भी करवा चुकी हैं

    नक्सली इलाके में दे रही है अपनी सेवाएं

    बता दें कि पुष्पा तिग्गा जशपुर की रहने वाली हैं. लेकिन 2007 में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका के रूप में सुकमा जिले के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित डब्बा इलाके में इनकी ड्यूटी लगी. अब 22 साल बाद भी पुष्पा कुन्ना में अपनी सेवााऐं दे रही हैं.



    पुष्पा बताती हैं कि एक साल पहले अचानक सीने में दर्द उठा. काफी दिनों से मलहम के सहारे रही. लेकिन फिर बीएमओ ने जबरन मुझे जिला अस्पताल भेजा. इलाज के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया. यहां ब्रेस्ट कैंसर बताया गया, जिसके बाद इसका इलाज चला है. पिछले 6 महिने से वापस अपनी ड्यूटी कर रही हूं.
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    बीमार होने के बावजूद आज भी वे अपनी सेवाएं दे रही हैं. बतातें है कि ये नर्स अभी तक 50 डिलवरी भी करवा चुकी हैं


    आज भी साइकिल से ही करती हूं आना-जाना

    पुष्पा तिग्गा बताती हैं कि जब उन्होने ड्यूटी ज्वाइन किया था तब कुन्ना इलाके की हालात बहुत खराब थी. सिर पर टीके का डब्बा और दवाई रखकर 10 किमी. पैदल पहाड़ी चढ़कर जाना पड़ता था. वैसे ही यहां से बस पकड़ने या दवाई लाने 16 किमी. साइकिल से जाना पड़ता था. आज भी कुकानार साइकिल पर ही आना जाना करती हूं. मुझे यहां काफी अच्छा लगता है. यहां के लोग मेरे लिए काफी मायने रखते है. कई बार तबियत खराब होने के कारण मेरा ट्रांसफर करने की बात कही गई, लेकिन मेने मना कर दिया.

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    यहां के लोग मेरे लिए काफी मायने रखते है. ट्रांसफर के लिए भी मैने खुद मना कर दिया.


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