जंगलों में आदिवासियों को जागरूक कर रहा नक्सलियों का ये पूर्व कमांडर

पूर्व नक्सल कमांडर अर्जुन ने एक नाटक के जरिए आदिवासियों को जागरूक किया.

स्थानीय लोगों के साथ मिलकर माओवाद के प्रति जागरुकता लाने पूर्व नक्सली कमांडर अर्जुन ने एक नाटक का मंचन किया और अपना संदेश दिया.

  • Share this:
    लाल आतंक फैलाने वाले हाथ जब लोकहित के आगे बढ़े तो हैरान होना बनता है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में कुछ ऐसा ही एक वाक्या सामने आया. नक्सलवाद का साथ छोड़ चुके पूर्व नक्सली कमांडर अर्जुन ने आदिवासियों को नक्सवाद के प्रति जागरूक करने एक कार्यक्रम का आयोजन किया. स्टेज में जब लोगों ने इस खुंखार नक्सली को देखा तो सबकी आंखे ठहर गई. जो लोग अर्जन के नाम से डरते थे, वे उसे स्टेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होता देख रहे थे. स्थानीय लोगों के साथ मिलकर माओवाद के प्रति जागरुकता लाने अर्जुन ने एक नाटक का मंचन किया और अपना संदेश दिया. अर्जुन की ये पहले छत्तीसगढ़ में बदलाव की ओर इशारा कर रही है.

    जंगलों में आतंक फैलाने वाला अर्जुन अब कर रहा लोगों को जागरूक

    जो नाम कभी नक्सलवाद से जुड़कर सुकमा जिले के कई जंगलों में दबदबा बनाया करता था आज वो ही नाम नक्सलियों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान की आगाज़ छेड़ रहा है. आपको बता दें कि सुकमा जिले के पूर्व नक्सली कमांडर अर्जुन नक्सलवाद से तंग आकर आत्मसमर्पण किया था. अर्जुन पर 8 लाख का इनाम भी था. आतंक फैलाने वाला अर्जुन अब लोगों में नक्सलवाद के खिलाफ जारूकता फैला रहा है. विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पूर्व नक्सली कमांडर ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में अर्जुन ने नक्सलियों की तर्ज पर अपनी नाट्य मंडली तैयार की. एक नाटक के जरिए अर्जुन ने आदिवासियों को नक्सवाद के खिलाफ लड़ने की सीख दी. सबसे खास बात ये थी कि अर्जुन ने पूरा कार्यक्रम गोंडी में दिया ताकि स्थानीय भाषा में लोगों तक जागरूकता लाई जा सके. सुकमा जिले के दोरनापाल में पर्यावरण दिवस की संध्या में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

    sukma
    पूर्व नक्सली कमांडर अर्जुन के इस पहल की सराहना की गई.


     

    ये भी पढ़ें: बिजली कटौती की समस्या को लेकर प्रदर्शन, गरियाबंद में भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण

    ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: क्या महज सत्ता तक पहुंचने की 'सीढ़ी' बनकर रह गया है नक्सलवाद? 

    ये भी पढ़ें: कांग्रेस सरकार ने बदला 10 साल पुराना राज्य स्लोगन, अब 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' पर राजनीति शुरू 

    ये भी पढ़ें:   खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को हाथियों ने कुचला, मौत 

    ये भी पढ़ें:   धोखाधड़ी: कृषि मंत्री के इलाके में ही बिना लोन लिए 'कर्जदार' हो रहे किसान!

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स     

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.