विधानसभा चुनाव: प्रेमनगर सीट के लिए भाजपा-कांग्रेस ने पेश की अपनी दावेदारी

सूरजपुर के मुख्य विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर में भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी अपनी दावेदारी पेश कर मैदान में पसीने बहाते नजर आ रहे है.

BARUN ROY | News18 Chhattisgarh
Updated: September 3, 2018, 6:25 PM IST
विधानसभा चुनाव: प्रेमनगर सीट के लिए भाजपा-कांग्रेस ने पेश की अपनी दावेदारी
डेमो पिक.
BARUN ROY | News18 Chhattisgarh
Updated: September 3, 2018, 6:25 PM IST
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2018 के नजदीक आते के साथ ही सूरजपुर के तीनों विधानसभा में चुनावी दंगल शुरू हो चुका है. सूरजपुर के मुख्य विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर में भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी अपनी दावेदारी पेश कर मैदान में पसीने बहाते नजर आ रहे है. इसका मुख्य कारण है प्रेमनगर विधानसभा का सामान्य सीट होना. लेकिन हर चुनाव में इस सीट से कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार आरक्षित वर्ग के ही होते है. ऐसे में चुनावी दंगल भाजपा और कांग्रेस के अंदरुनी पदाधिकारियों के बीच ही शुरू हो चुकी है.

प्रेमनगर विधानसभा का अहम होने का मुख्य कारण है सूरजपुर मुख्यालय का शामिल होना. गौरतलब है कि 2008 के परिसीमन के बाद प्रेमनगर विधानसभा को सामान्य सीट घोषित किया गया था. दो लाख छह हजार 965 मतदाता के साथ लगभग तीन लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले विधानसभा सीट में भाजपा और कांग्रेस के बीच हमेशा से ही सियासी दंगल जोरों पर रहा है जहां जातीगत समीकरण भी सियासी असर डालता है. इस सीट में गोंड और हरिजन को मिलाकर लगभग 35 से 40 फीसदी आदिवासी है.

वहीं 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने ही सामान्य सीट वाली विधानसभा में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को मैदान में उतारा था. जहां कांग्रेस के खेलसाय सिंह ने जीत हासिल कर जिले में कांग्रेस को मजबुती दिलाया था. वहीं आगामी चुनाव के मद्देनजर अब कांग्रेस और भाजपा के सामान्य वर्ग के पदाधिकारी भी मैदान में उतारकर सामान्य सीट पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की आस लगाए पसीने बहाते नजर आ रहे है. भाजपा के जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहु समेत दर्जनों सामान्य वर्ग के जिला पदाधिकारी पार्टी हाईकमान के सामने अपनी सक्रियता दिखाने कोई कसर नहीं छोड़ रहे है.

प्रेमनगरमानुजनगर और प्रेमनगर विकासखंड से बना प्रेमनगर विधानसभा में नगर पालिका सूरजपुर समेत दो नगर पंचायत भी शामिल है जहां सामान्य विधानसभा सीट में आरक्षित वर्ग का हमेशा से ही दबदबा रहा है. वहीं कांग्रेस के वर्तमान विधायक खेलसाय सिंह को कांग्रेस के पदाधिकारी जहां एक ओर सक्रिय विधायक बताते नजर आते है. वही कांग्रेस से ही लगभग 45 कार्यकर्ताओं की दावेदारी के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद से इस्तीफा भी गुटबाजी को बयां करता है. कांग्रेस के पदाधिकारी एक ओर टिकट की दावेदारी करते नजर आते है तो दूसरी ओर जिले के तीनों विधानसभा में कांग्रेस की जीत का दावा भी कर जिले को भाजपा मुक्त करने की भी बाते कर रहे है.
First published: September 3, 2018, 6:09 PM IST
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