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इस ऐप की वजह से मरीजों को अस्पताल में रेस्टोरेंट क्वालिटी का मिलता है खाना

Amitesh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 14, 2018, 3:34 PM IST
इस ऐप की वजह से मरीजों को अस्पताल में रेस्टोरेंट क्वालिटी का मिलता है खाना
इस मोबाइल ऐप की दहशत से अस्पताल में डॉक्टरों का समय पर हो रहा आना जाना
Amitesh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 14, 2018, 3:34 PM IST
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में जितना सुधार नहीं हुआ, उससे कहीं ज्यादा सुधार एक मोबाइल एप्लीकेशन के बनने से हो गया है. 'डीएम ट्रिपल ए' नाम के इस मोबाइल एप्लीकेशन की दहशत इतनी है कि एक तरफ जहां डॉक्टर समय से अस्पताल आने जाने लगे हैं, तो वहीं मरीजों को खाना और नाश्ता भी रेस्टोरेंट क्वालिटी का मिलने लगा है.

इसकी खास बात यह है कि जिला प्रशासन के लिए यह वेबसाईट उसी ग्रामीण युवा ने बनाई है, जिसने कुछ साल पहले अपनी पंचायत को डिजिटल पंचायत बनाया था.

आदिवासी बाहुल्य सरगुजा कुछ दिनों पहले तक अपनी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश में अव्वल था. यहां के मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल के लापरवाह डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीज यहां भर्ती ही नहीं होते थे और जो होते भी थे तो उनका इलाज भगवान भरोसे होता था.

दरअसल, यहां और जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में ज्यादा और अपनी ड्यूटी में कम नजर आते थे. सूरजपुर के सिलफिली गांव के युवा राजेश कुशवाहा द्वारा बनाया गया दीनदयाल मेडिकल अप्रेजल अस्सीमेंट ऐप्स नाम का यह मोबाइल एप्लीकेशन इतना कारगर हो रहा है कि डॉक्टरों की मनमानी और मरीजों की परेशानी से परेशान जिला कलेक्टर किरण कौशल भी काफी खुश हैं.

फिलहाल, इस एप्लीकेशन में डॉक्टरो की अस्पताल और वार्डों में मौजूदगी के साथ ही मरीजों को मिलने वाले भोजन की मॉनिटरिंग की जा रही है. आने वाले समय में इसे शासकीय अस्पतालों की डायग्नोस्टिक सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और बेहतर हो सकती हैं.

गौरतलब है कि जिले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मिलाकर कुल 33 शासकीय स्वास्थ्य केंद्र है. इसमें 27 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. अब ये सभी 33 स्वास्थ्य केंद्र के 200 डॉक्टर और भोजन परोसने वाले स्टाफ भी अब इस ऐप में अपने काम की रिपोर्ट आन लाइन सबमिट करते हैं. इसका सीधा लाभ इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मिल रहा है.
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