अस्‍पताल से नहीं मिला वाहन, किराए के ट्रैक्‍टर में लेकर गए शव

छत्‍तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बार फिर से मानवता शर्मसार हुई है. यहां जिला अस्पताल में शव वाहन होने के बावजूद ग्रामीण शव को लगभग 20 किमी दूर किराए के ट्रैक्टर में लेकर गए.

Varun Rai | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 6, 2017, 1:14 AM IST
अस्‍पताल से नहीं मिला वाहन, किराए के ट्रैक्‍टर में लेकर गए शव
किराए के ट्रैक्‍टर में शव ले जाते परिजन.
Varun Rai | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 6, 2017, 1:14 AM IST
छत्‍तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बार फिर से मानवता शर्मसार हुई है. यहां जिला अस्पताल में शव वाहन होने के बावजूद ग्रामीण शव को लगभग 20 किमी दूर किराए के ट्रैक्टर में लेकर गए.

सूरजपुर जिले के सलका गांव में राम साय ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. सोमवार सुबह जिला अस्पाल में पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया, लेकिन जब परिजनों ने डॉक्टर से शव ले जाने के लिए शव वाहन की मांग की तब डॉक्टरों ने यह कहकर मना कर दिया कि अस्पताल का शव वाहन खराब है और गैरेज में खड़ा है. ग्रामीणों ने तीन घंटे इन्तजार किया और उसके बाद किराए पर ट्रैक्टर लेकर शव को अपने घर सलका गांव लेकर गए, जिसकी दूरी जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी है. मृतक के परिजन साधारण किसान हैं, जिसकी वजह से उनके लिए ट्रैक्टर का किराया देना भी बड़ी समस्या है.

वहीं इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसपी वैश्‍य का कहना था कि उन्‍हें मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली है. अब वे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं. वहीं पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर सबा परवीन ने इस बात से इंकार किया है कि उनसे मृतक के परिजनों ने शव वाहन की मांग की थी.

जिले में इस प्रकार की यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इसके पहले भी इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं. हर बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर मामले को ख़त्म कर दिया जाता है.

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First published: September 6, 2017, 1:00 AM IST
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