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इंटरनेट ने बिछड़ी पत्नी से मिलाया, 14 साल से तलाश में दर-दर भटक रहा था पति

14 साल बाद अपनी पत्नी प्रमिला के साथ भुवनेश्वर यादव.

14 साल बाद अपनी पत्नी प्रमिला के साथ भुवनेश्वर यादव.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर (Surajpur) जिले के डुमरिया से 14 साल पहले गुम हुई पत्नी (Wife) को तलाश कर रहे पति की खोज पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जाकर खत्म हुई. इसमें सबसे अहम भूमिका इंटरनेट ने निभाई.

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सूरजपुर. डिजिटल क्रांति के इस युग में इंटरनेट ने दो बिछड़े दिलों को 14 साल बाद मिलाने में अहम भूमिका अदा की है. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर (Surajpur) जिले के डुमरिया से 14 साल पहले गुम हुई पत्नी (Wife) को तलाश रहे पति की खोज पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जाकर खत्म हुई. इसमें सबसे अहम भूमिका इंटरनेट ने निभाई. पत्नी प्रमिला और पति भुनेश्वर यादव 14 साल पहले अलग हो गए थे. पत्नी प्रमिला अचानक गुम हो गईं थीं. इसके बाद पति ने उसकी तलाश शुरू की. साल 2006 मे जिले के भटगांव थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी प्रमिला की मानसिक स्थिति अचानक खराब हो गई. इसी बीच एक दिन अचानक वो घर से निकल गईं. इसके बाद से उसका पति तलाश में जुट गया.

सूरजपुर (Surajpur) के भुवनेश्वर यादव की तलाश पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले पहुंचकर पूरी हुई. उसकी पत्नी हजारों किलोमिटर दूर नए राज्य, नई भाषा के बीच उसकी मानसिक स्थिति ठीक हो जाने के बाद ना तो उसे अपने राज्य का पता था और ना ही रास्ते का, केवल याद था तो पति और गांव का नाम. ऐसे में आसरा नाम के अनाथ आश्रम में रहकर बच्चों की सेवा करने लग गईं थीं. कई बार अपने पति को खत भी लिखती, लेकिन पता नहीं होने के कारण पोस्ट नहीं कर पाती थीं. इतने सालों में धीरे धीरे वो अपनी छत्तीसगढ़ी भाषा भी भूल गईं और पूरी तरह से बांग्ला भाषा बोलने लगीं.

दर-दर भटकने लगा पति
दूसरी ओर उसका पति भुवनेस्वर अपनी पत्नी की तलाश मे दर दर भटकने लगा. भुवनेश्वर के पड़ोसी राम राजवाड़े का कहना है कि पत्नी के गम मे पति भी खुद मानसिक रूप से बीमार लगने लगा था. साइ​किल से उत्तर प्रदेश राज्य तक खोजने चला गया था. एक ओर गुम हुई पत्नी पश्चिम बंगाल में अपनी पहचान खोती जा रही थी तो वहीं पुलिस ने भी लंबे अरसे तक खोजबीन से थक कर फाइल भी बंद कर दी थी.

अंतिम संस्कार का दबाव
भुवनेश्वर के मुताबिक, पत्नी के गुम होने का गम और पांच बच्चों का पालन पोषण के बीच समाज के लोग गुम पत्नी के अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने लगे. वो पत्नी के सकुशल मिलने की आस में मंदिर और पुजारियों के चक्कर काटने लगा और अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करने से बचता रहा.

इंटरनेट का सहारा
भुवनेश्वार ने बताया कि पत्नी कोलकता के जिस अनाथ आश्रम में रहती थी. वहीं की संचालिका तुलसी मायती ने इंटरनेट का सहारा लेकर डुमरिया गांव को खोज निकाला और भटगांव थाना प्रभारी किशोर केंवट से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस की टीम पूरी जांच पड़ताल के बाद पति को लेकर कलकत्ता रवाना हो गई और प्रमिला को लेकर वापस आ गई. दोनों पति-पत्नी के मिलने को लेकर पूरे गांव में ही खुशी का माहौल है.

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