सूरजपुर: शाम ढलते ही गांवों का रुख कर लेते हैं भालू, ग्रामीणों में दहशत

अकसर भालू भोजन और पानी की तलाश में क्षेत्र से सटे गांवों का रुख कर लेते हैं. इस दौरान भालू कभी ग्रामीणों को अपना शिकार बना लेते हैं, तो कभी भालुओं को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ता है.

Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: February 5, 2019, 2:59 PM IST
Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: February 5, 2019, 2:59 PM IST
छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के पिल्खा पहाड़ से सटे रवीन्द्र नगर तिलस्वा समेत दर्जन भर गांवों में शाम ढलते ही भालू गांवों का रुख कर लेते हैं. यहां भालुओं के हमले में अकसर लोगों के घायल होने और मरने की खबरें सामने आती रहती हैं. बता दें कि पिल्खा पहाड़ क्षेत्र वर्षों से भालुओं का रहवास क्षेत्र रहा है, लेकिन अकसर भालू भोजन और पानी की तलाश में क्षेत्र से सटे गांवों का रुख कर लेते हैं. इस दौरान भालू कभी ग्रामीणों को अपना शिकार बना लेते हैं, तो कभी भालुओं को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ता है.

दरअसल, जंगलों में भालुओं के भोजन और पानी की समस्या को दूर करने की जामवंत योजना विभागीय उदासीनता के कारण शुरू नहीं हो सकी है. सूरजपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर एस. खान ने बताया कि भालू अक्सर भोजन की तलाश मे गांवों का रुख कर रहे हैं. इनके लिए शासन की जामवंत योजना को जिले में शुरू करने के लिए उच्च स्तर पर चर्चा की जा रही है.

बहरहाल, सूरजपुर जिले में हाथी, भालू समेत कई जंगली जानवरों का शिकार ग्रामीण हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों को भी ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. वहीं वन विभाग जंगली जानवरों से ग्रामीणों को सुरक्षि‍त करने के लिए शासन की किसी भी योजना को जिले में कब तक शुरू करता है, यह देखने वाली बात होगी.

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