जानिए कैसे, सूरजपुर में हाथी ही करेंगे जंगली हाथियों को काबू...

सूरजपुर में इस बार हाथियों के दहशत को दूर करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर महासमुंद से 5 कुमकी हाथियों को सूरजपुर लाया गया है. ये हाथी जंगली और बिगड़ैल हाथियों को नियंत्रित करेंगे.

Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: March 12, 2019, 3:36 PM IST
Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: March 12, 2019, 3:36 PM IST
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने और ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में हाथी और इंसानी दूरी को कायम रखने की चुनौती वन विभाग के लिए बड़ी हो गई है. वन विभाग भी आए दिन कई प्रयोग करते नजर आते हैं. इसलिए जिले में इस बार हाथियों के दहशत को दूर करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर महासमुंद से 5 कुमकी हाथियों को सूरजपुर लाया गया है. अब यही हाथी जंगली हाथियों को नियंत्रित करेंगे. इन पांचों कुमकी हाथियों के अलग-अलग नाम हैं.

मामले में महावत हबिल मिंज ने बताया कि कर्नाटक से इन 5 हाथियों के दल को छत्तीसगढ़ लाया गया था. कुछ दिन महासमुंद में रखने के बाद अब इन्हें सूरजपुर लाया गया है. इन हाथियों को यहां लाने का मकसद जंगली हाथियों को काबू करना है. कर्नाटक के मतिगोणा हाथी रेस्क्यू सेंटर से इन हाथियों को यहां लाया गया है. इन ट्रेंड हाथियों को कुमकी हाथी कहा जाता है, जिन्हें बिगड़ैल हाथियों को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

अब इन हाथियों को सूरजपुर के तमोर पिंगला अभयारण्य के हाथी रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है. इन खास 5 कुमकी हाथियों को वन विभाग ने नामकरण भी किया है. इनके नाम तिर्थराज, दुर्योधन, गंगा, योगलक्ष्मी और परशुराम हैं. वन विभाग अब इन्हीं हाथियों के सहारे जिले में उत्पाती हाथियों के दहशत को कम करने के लिए मैदान में तैयार है.

रमकोला वन परिक्षेत्र के रेंजर केके सिंह ने बताया कि जिस क्षेत्र में जंगली हाथियों के उत्पात की सूचना मिलेगी, वहां ये कुमकी हाथी जाकर उन हाथियों को सुधारने का काम करेंगे. वहीं कुमकी हाथियों के आने से स्थानीय लोगों ने वन विभाग के इस प्रयोग की सराहना की है.

पिछले 10 वर्षों से हाथियों का उत्पात जिले में चरम पर है. वहीं वन विभाग के कई प्रयोग विफल रहे हैं. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि कुमकी हाथियों द्वारा जिले में उग्र रूप ले चुके जंगली हाथियों के आतंक को किस तरह से कम करेंगे. बहरहाल, वन विभाग और शासन की पहल भले ही देर हुई, लेकिन कुमकी हाथी की मौजूदगी जिले में व्याप्त हाथियों के दहशत को दूर करने में कारगर प्रयोग साबित होती है या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

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