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जानें क्यों मौत की घाटी के नाम से पहचान बना रहा 'घाट पेंडारी'

जानें क्यों मौत की घाटी के नाम से पहचान बना रहा 'घाट पेंडारी'

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घाट पेंडारी की खतरनाक घाटी के कारण हर महीने दर्जनों वाहन हादसे का शिकार हो रहे है और ये घाटी कई लोगों की मौत का गवाह बनते जा रही है.

    सूरजपुर के अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाइवे में पड़ने वाली घाटी, घाट पेंडारी अब मौत की घाटी के नाम से अपनी पहचान बनाता जा रहा है. घाट पेंडारी की खतरनाक घाटी के कारण हर महीने दर्जनों वाहन हादसे का शिकार हो रहे है और ये घाटी कई लोगों की मौत का गवाह बनते जा रही है.

    बता दें कि इस स्टेट हाईवे से दिल्ली,उत्तर प्रदेश, ओडिशा समेत कई प्रदेशों की सैंकड़ों गाड़ियां रोजाना इस घाट से जुगरती है. लेकिन 25 सालों में भी यहां घाट कटिंग का काम शुरू नहीं किया गया. ​अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाइवे मार्ग का घाट पेंडारी अब जिलेवासियों के लिए दहशत बन गया है.

    घाट पेंडारी में आए दिन हादसों की सूचना लोगों को मिलती रहती है. कई लोग यहां अपनी जान गंवा चुके है जिसकी रिपोर्ट चन्दौरा थाने में मौजूद है. इस स्टेट हाइवे में रोजाना दूसरे प्रदेश के कई गाड़ियां चलती है.

    घाट पेंडारी में मौजूद मंदिर के पुजारी मस्ताना महाराज ने बताया की कई वर्षों से इस घाट में सड़क हादसे होते आ रहे है. शासन द्वारा घाट कटिंग के काम की स्वीकृति के बाद भी घाट कटिंग का काम अब तक शुरू नहीं किया गया है.

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि घाट पेंडारी में होने वाले दुर्घटना की सूचना सबसे पहले आस-पास के ग्रामीणो को ही होती है. ग्रामीण ही घायलों को अस्पताल ले जाते है और कई घायलों को अपने आंखों के सामने दम तोड़ते भी देखते है. स्थानीय निवासी पेंडारी के घाट कटिंग के काम शुरू होने का आस सरकार से लगाए बैठे है.

    वहीं घाट कटिंग का काम कुछ दिन पहले शुरू भी हुआ. लेकिन किस कारण से काम बंद कर दिया गया किसी को पुख्ता जानकारी नहीं है. कलेक्टर केसी.देवसेनापथि ने कहा कि घाट कटिंग के काम में कुछ परेशानियां आ रही है. मामले को जल्द संज्ञान में लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा.

    Tags: Chhattisgarh news

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