लालटेन युग में ही जी रहे हैं जीरो पावर कट वाले छत्तीसगढ़ के इस गांव के लोग

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में जीरो पावरकट व सर प्लस बिजली का दावा करती है. लेकिन प्रदेश में ऐसे कई गांव हैं, जहां आज भी लोग लालटेन युग में ही जी रहे हैं.

Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: August 24, 2018, 1:58 PM IST
लालटेन युग में ही जी रहे हैं जीरो पावर कट वाले छत्तीसगढ़ के इस गांव के लोग
बच्चे आज भी डिभरी के लाईट में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
Varun Rai | News18 Chhattisgarh
Updated: August 24, 2018, 1:58 PM IST
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में जीरो पावरकट व सर प्लस बिजली का दावा करती है. शहरी इलाकों में ये दावे धरातल पर नजर भी आते हैं, लेकिन प्रदेश में ऐसे कई गांव हैं, जहां आज भी लोग लालटेन युग में ही जी रहे हैं. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओडगी, बिहारपुर और प्रतापपुर इलाके में कई ऐसे गांव हैं, जहां सालों से बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है.

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर इलाके में एक गांव छिपनीपारा है. इस गाँव की कुल आबादी लगभग 600 है. गांव में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति की संख्या बहुत ज्यादा है. आधुनिकता के इस दौर में भी इस गांव के ग्रामीण लालटेन युग में जीने को मजबूर हैं. इनके बच्चे आज भी डिभरी के लाईट में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. यह इलाका हाथी प्रभावित होने की वजह से इनकी मुसीबत और बढ़ जाती है. अंधेरे में कई बार हाथियों का झुण्ड इन पर मौत बन कर टूट पड़ता है.

ग्रामीण जवाहर यादव का कहना है कि बिजली नहीं होने की वजह से खेती भी बहुत अच्छी नहीं हो पाती है. यदि किसान मेहनत करके कुछ फसल लगा भी लेते हैं तो हाथी आकर उसे बर्बाद कर देते हैं. इस गांव में न तो बिजली है, ना सड़क और न ही पीने का साफ पानी. गांव में बिजली व्यवस्था को लेकर विभाग के ईसीई आरएस पटेल का कहना है कि क्षेत्र के बिजली विहीन गांवों में सितंबर तक कनेक्शन पहुंचाने का काम कर लिया जाएगा.
First published: August 24, 2018, 1:58 PM IST
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