अंधेरे कमरे में अपने शिक्षकों का इंतजार कर रहे इस स्कूल के छात्र

छत्तीसगड़ में सूरजपुर जिले का एक ऐसा प्राथमिक स्कूल है, जहां 40 छात्र एक किराए के अंधेरे कमरे में अपने शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे हैं.

BARUN ROY | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 26, 2017, 1:27 PM IST
अंधेरे कमरे में अपने शिक्षकों का इंतजार कर रहे इस स्कूल के छात्र
अंधेरे कमरे में अपने शिक्षकों का इंतजार कर रहे इस स्कूल के छात्र
BARUN ROY | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 26, 2017, 1:27 PM IST
छत्तीसगड़ में सूरजपुर जिले का एक ऐसा प्राथमिक स्कूल है, जहां 40 छात्र एक किराए के अंधेरे कमरे में अपने शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे हैं.

शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर सुधारने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारी आए दिन स्कूलों के निरीक्षण और शिक्षकों को विशेष दिशा निर्देश देते नजर आते हैं. लेकिन नगरीय क्षेत्र से जुड़ा बुंदिया गांव का प्राथमिक स्कूल भंडारपारा में पिछले 5 सत्रों से एक किराए के मकान में प्राथमिक स्कूल संचालित किया जा रहा है.

यहां स्कूलों में छात्रों की दर्ज संख्या कुल 40 है. वहीं स्कूल में एक प्रधान पाठक और एक शिक्षिका नियुक्त है, लेकिन दोनों शिक्षकों में से सिर्फ एक ही शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहते हैं.

बता दें कि जो भी एक शिक्षक स्कूल में आता है वह दूसरे अनुपस्थित शिक्षक की हाजरी रजिस्टर में दर्ज कर देता है. कभी कभी तो दोनों ही शिक्षक स्कूल से नदारद रहते हैं.

ऐसे में हर दिन स्कूल आ रहे छात्र शिक्षकों का इंतजार कर घर चले जाते हैं. हालांकि स्कूल में दोनों की शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर में नियमित है. दूसरी ओर उपस्थिति पंजी में एक छुट्टी का आवेदन भी रखा हुआ है, जिसमें छुट्टी का दिनांक नहीं रहता.

वहीं कभी भी अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान तत्काल तिथि भरकर आवेदन को संलग्न कर दिया जाता है. दूसरी तरफ 5 लाख की लागत से निर्माण किए इस स्कूल भवन में शिक्षकों की मनमानी से स्कूल के छात्रों को किराए के एक अंधेरे कमरे में बैठना पड़ता है.

वहीं किराए के मकान में चल रहे स्कूल आज तक किराए का एक रुपया तक भुगतान नही किया गया है.
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ऐसे में प्राथमिक स्कूल भंडारपारा की दुर्दशा को लेकर स्थानीय और अभिभावक भी परेशान हैं. किसी भी अधिकारी के पास स्कूल की व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए समय नहीं है. स्थानीय लोगो का कहना है कि अधिकारियों कि मिलीभगत से ही शिक्षक मनमानी करते हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.
First published: July 26, 2017, 1:27 PM IST
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