नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों को ले गया दिल्ली, बनाया बंधक और...

छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिले की तीन युवतियों को नौकरी दिलाने के लिए उनका एक परिचित दिल्ली ले गया और बेच दिया. वहा से बंधक बनाकर दो युवतियों को भारत- पाक सीमा पर श्रीगंगानगर भेज दिया गया.

News18 Chhattisgarh
Updated: May 30, 2019, 4:13 PM IST
नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों को ले गया दिल्ली, बनाया बंधक और...
बंधक बनीं युवतियों की प्रतीकात्मक संदेश
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Updated: May 30, 2019, 4:13 PM IST
छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिले की तीन युवतियों को एक परिचित नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली ले गया. उसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाकर बेच दिया. मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो बंधक बनाकर रखी गईं दोनों बहनों को पुलिस ने भारत-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर से मुक्त कराया और परिजनों को सौंपा. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले मेें  3 लोगों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया था.

क्या है मामला
सूरजपुर से लगे चंद्रपुर गांव में किराए के मकान में रहने वाली तीन युवतियों और एक युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली ले जाया गया. यह भी बात सामने आई कि वहां दो युवतियों को बंधक बना प्रताड़ित किया गया. ये लड़कियां प्रेमनगर के कंचनपुर गांव के रहने वाली हैं. रामेश्वरी कुजुर (20 वर्ष) कलावती और सोनिया नाम की दो बहनों के साथ चंद्रपुर में किराए के मकान में रहती थी. साथ में शैलेंद्र टोप्पो नाम का एक परिचित भी रहता था. पिछले 1 फरवरी को इनका संपर्क पलढा प्रतापपुर गांव के रामसेवक टोप्पो से हुआ और वह काम दिलाने के नाम पर झांसा देकर रामेश्वरी, कलावती, सोनिया और शैलेंद्र को दिल्ली ले गया.

नहीं लौंटी युवतियां, आया फोन 

कुछ दिन बाद शैलेंद्र और रामेश्वरी तो वापस आ गए, लेकिन कलावती और सोनिया वापस नहीं आई. इसी बीच इनमें से एक का फोन परिजनों के पास आया कि उन्हें बंधक बना लिया गया है और प्रताड़ित करते और घर नहीं लौटने दे रहे हैं. जब यह बात रामसेवक को बताई गई तो उसने दुत्कार कर भगा दिया. थक हार कर परिजनों ने सूरजपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पहले रामसेवक और नई दिल्ली में रहने वाले अशोक कुमार व नान्हू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया.

भारत-पाकिस्तान सीमा पर मिलीं युवतियां 

एसपी जीएस जायसवाल ने कोतवाली के टीआई उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की और एसआई रश्मि सिंह की अगुआई में टीम को दिल्ली भेज दिया. वहां से रामसेवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की. राजस्थान के श्रीगंगानगर उनके होने की जानकारी मिली. यह टीम भारत-पाक सीमा पर  स्थित श्रीगंगानगर पहुंची. पुलिस टीम ने वहां नान्हू के ठिकाने से पता कर दोनों बहनों को बरामद कर दिया और सूरजपुर लाकर परिजनों को सौंपा दिया.
झारखंड और दिल्ली के भी हैं एक-एक आरोपी

 

पुलिस ने रामसेवक टोप्पो (23) वर्ष निवासी प्रतापपुर और झारखंड के लातेहार जिला स्थित सोहरपाथ नेत्रहार के नान्हू कुमार (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया. नई दिल्ली के एक आरोपी अशोक कुमार केवट ( 38 वर्ष) को छेड़छाड़ और अपहरण के मामले में पहले से ही मंडला जेल में है. उसे स्थानीय कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर इस मामले में भी गिरफ्तार किया जाएगा.
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