अंबिकापुर सेंट्रल जेल में कैदियों को डायरिया, एक की मौत

जिन 19 कैदियों को तबीयत बिगड़ने के बाद जेल से बाहर जिला अस्पताल में लाया गया, उनसे मिली जानकारी के मुताबिक जेल मे 50 से अधिक और भी ऐसे कैदी बंदी हैं, जो डायरिया से पीड़ि‍त हैं.

Amitesh Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: May 17, 2018, 12:34 AM IST
अंबिकापुर सेंट्रल जेल में कैदियों को डायरिया, एक की मौत
अस्‍पताल के जेल वार्ड में भर्ती कैदी.
Amitesh Pandey
Amitesh Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: May 17, 2018, 12:34 AM IST
अम्बिकापुर सेंट्रल जेल के 19 कैदी डायरिया से पीड़ि‍त हो गए हैं. इस बीमारी से एक कैदी की मौत भी हो गई है. इस बीमारी का खुलासा तब हुआ, जब तबीयत बिगड़ने पर 19 कैदियों को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. इनमें से दो कैदियों को रायपुर रेफर किया गया है.

जेल की चारदीवारी के भीतर फैले डायरिया ने जेल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है. जानकारी के मुताबिक जिन 19 कैदियों को तबीयत बिगड़ने के बाद जेल से बाहर जिला अस्पताल में लाया गया, उनसे मिली जानकारी के मुताबिक जेल मे 50 से अधिक और भी ऐसे कैदी बंदी हैं, जो डायरिया से पीड़ि‍त हैं, लेकिन जेल प्रबंधन इस बड़ी संख्या को छुपाने के लिए कैदियों को किस्‍तों में जेल से बाहर अस्पताल में भर्ती करा रहा है.

डायरिया पीड़ि‍त जिस सजायाफ्ता कैदी की मौत हुई है, वह जशपुर जिले के कांसाबेल थाना अंतर्गत आने वाले बटईकेला गांव का रहने वाला था. 27 वर्षीय इस कैदी का नाम पालन लोहार पिता साधु लोहार था. उसे दुष्कर्म के मामले में 28 सितंबर 2017 को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई थी. जानकारी के मुताबिक जेल प्रबंधन ने उसे 16 मई को सुबह 9.40 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया था और इलाज शुरू होने के साथ ही उसकी मौत हो गई.

अस्‍पताल अधीक्षक अशोक कुमार जायसवाल ने बताया कि अस्‍पताल लाए गए सभी कैदियों को उल्टी दस्त की शिकायत थी, जिनका इलाज किया जा रहा है. उन्‍होंने बताया कि उल्टी-दस्त की वजह दूषित खाना या खराब पानी भी हो सकता है.
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