डॉक्टर पिता ने "NEET" की तैयारी के लिए बेटे को भेजा था हॉस्टल, 2 दिन बाद मिली मौत की खबर

News18 Chhattisgarh
Updated: September 12, 2019, 2:57 PM IST
डॉक्टर पिता ने
हॉस्टल के बाहर सड़क किनारे कंक्रीट के फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला था. (सांकेतिक तस्वीर)

अंबिकापुर (Ambikapur) में नीट (NEET) की तैयारी कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

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अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के अंबिकापुर (Ambikapur) में नीट (NEET) की तैयारी कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. छात्र सूरजपुर (Surajpur) जिले के प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक डाॅक्टर का बेटा था.

मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पहुंचाया था अस्पताल

बेटा नीट (National Eligibility and Entrance Test) की तैयारी के लिए दो दिन पहले ही अंबिकापुर आया था. बुधवार की सुबह वह हॉस्टल के बाहर सड़क किनारे कंक्रीट के फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला. तब मॉर्निंग वॉक (morning walk) पर निकले लोगों की नजर छात्र पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत उसे अस्पातल ले गए जहां उसकी मौत हो गई. बेटे की मौत की खबर सुन डॉक्टर पिता ने उसकी हत्या होने की आशंका जताई है.

शरीर पर मिले हैं चोट के निशान

मृतक के पिता डाॅ. एके विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने सोमवार को अपने 18 वर्षीय बेटे अनुपम कुमार विश्वकर्मा को नीट की तैयारियों के लिए अंबिकापुर के एक हाॅस्टल में डाला था, जो गोधनपुर इलाके में है. छात्र के सिर और शरीर के अन्य हिस्से में कई चोट के निशान मिले हैं. भास्कर में छपी खबर के मुताबिक मंगलवार रात को अनुपम हाॅस्टल में अकेला था. हाॅस्टल की छत पर उसका मोबाइल, पर्स और नशे का सामान (गांजा) मिला है. पुलिस ने छात्र का मोबाइल, कॉपी समेत अन्य सामान जब्त कर लिया है.

कमरे में मिली कॉपी में लिखी थी दो लाइनें

छात्र के कमरे से उसकी एक काॅपी मिली है, जिसमें उसकी मौत से जुड़ी दो लाइनें लिखी हैं. नोट से ये अनुमान लगाया जा रहा है कि छात्र ने छत से कूदकर आत्महत्या की है, लेकिन शरीर के कई हिस्सों में मिले चोट के निशान से हत्या के संकेत भी मिल रहे हैं. इधर, पुलिस ने हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलुओं पर छानबीन शुरू कर दी है.
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अनुपम मेडिकल काॅलेज (Medical College) में एडमिशन के लिए नीट की तैयारी करने अंबिकापुर गया था. दो साल उसने कोटा में भी रहकर नीट की तैयारी की, पर सफलता हाथ नहीं लगी. नीट में सफलता नहीं मिलने के बाद वह अपने डॉक्टर पिता के पास प्रतापपुर आ गया था. अंबिकापुर में नीट की कोचिंग के लिए उसने कुछ दिन पहले बात की थी और रहने के लिए गोधनपुर में हाॅस्टल खुद ही ढूंढा था. इसके बाद पिता उसे 9 सितंबर को हाॅस्टल में शिफ्ट करने के बाद वापस प्रतापपुर आ गए, जिसके बाद 11 सितंबर को उनके पास अपने बेटे की मौत की खबर आई.

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First published: September 12, 2019, 2:19 PM IST
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