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विधानसभा चुनाव: सरगुजा में 'हाथी' डाल सकते हैं खलल

Amitesh Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: October 17, 2018, 1:12 PM IST
विधानसभा चुनाव: सरगुजा में 'हाथी' डाल सकते हैं खलल
सांकेतिक तस्वीर

वन विभाग हाथियों से निपटने के लिए टीम तैयार कर रही है. इसमे हाथी मित्र दल के एक्सपर्ट भी शामिल किए जा रहे है. टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला सहित संभाग के पड़ोसी जिलों में आतंक मचा रहे उत्पाती हाथी भी इस बार विधानसभा चुनाव में बड़ी समस्या खड़ी कर सकते है. इसलिए पोलिंग बूथों पर निगरानी के लिए खास टीम तैयार की जा रही है. शांतिपूर्ण चुनाव के लिए इन क्षेत्रों में हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के साथ बूथों की सुरक्षा के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए है.

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सरगुजा जिले में हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जिला निर्वाचन अधिकारी सारांश मित्तर द्वारा विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया की जिस क्षेत्र में हाथियों का डर बना हुआ है उन क्षेत्रों के लिए फॉरेस्ट विभाग की बैठक ली गई है. साथ ही इन इलाकों में सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए है. मतदाता मतदान केंद्र में जा कर अधिक से अधिक बिना डर के मतदान कर सके इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी.

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सरगुजा संभाग के मुख्य वन संरक्षक केके बिसेन ने बताया कि संभाग में 122 हाथी विचरण कर रहे है. इनमे से सरगुजा में 12, जशपुर में 34,सूरजपुर में 19 और बलरामपुर में 13 हाथी विचरण कर रहे है. हाथी रिज़र्व क्षेत्र में 27 हाथी है. इन हाथियों के 6 दलों का पता चला है. इन दलों में 2 हाथी दल ज्यादा आक्रामक है वहीं 2 शांत स्वभाव के हाथियों का दल है.

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मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि मतदान में हाथी ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकेंगे क्योंकि इनके विचरण का समय शाम से शुरू होता है और रात तक चलता है. इसके बावजूद वन विभाग की ओर से नियमित टीम बनाई गई है जो मोबाइल बेरिकेडिंग के माध्यम से हाथियों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकेगी. वन विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा अभी से शुरू कर दी गई है. हालांकि अभी भी संभाग में लगभग 122 हाथी अलग-अलग दलों में भटक रहे है. सरगुजा जिले में सबसे ज्यादा हाथी है. लुंड्रा और मैनपाट क्षेत्र अभी भी हाथी प्रभावित है. वह विभाग की ओर से इन क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए जा रहे है.ये भी पढ़ें: उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए बीजेपी ने अपनाया नया तरीका 

मुख्य वन संरक्षक केके बिसेन ने बताया कि सूरजपुर, बलरामपुर के अलावा जशपुर और कोरिया जिले के भी कई गांव हाथी प्रभावित है. सौ से अधिक हाथी इन इलाकों में डटे है. वन विभाग हाथियों से निपटने के लिए टीम तैयार कर रही है. इसमे हाथी मित्र दल के एक्सपर्ट भी शामिल किए जा रहे है. टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. जहां हाथियों की उपस्थिति का पता करने के बाद सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे. जिन क्षेत्रों में हाथी रहेंगे वहां के बूथों को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया जाएगा.

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First published: October 17, 2018, 12:15 PM IST
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