प्रसव पी​ड़ा में तड़पती महीला को दो किलोमीटर कांवड़ में ढोकर लाए परिजन, रास्ते में ही बच्चे का जन्म

ये मामला इसलिए भी बड़ा हो जाता है. क्योंकि सरगुजा (Sarguja) जिले में स्वास्थ्य मंत्री समेत छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Govt.) के दो मंत्रियों का स्थाई ठिकाना है.

Amitesh Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2019, 8:45 PM IST
प्रसव पी​ड़ा में तड़पती महीला को दो किलोमीटर कांवड़ में ढोकर लाए परिजन, रास्ते में ही बच्चे का जन्म
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले का मैनपाट पर्यटन के लिहाज से जितना खूबसूरत है, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के नाम पर उतना ही पिछड़ा है.
Amitesh Pandey
Amitesh Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2019, 8:45 PM IST
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा (Sarguja) जिले का मैनपाट पर्यटन के लिहाज से जितना खूबसूरत है, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के नाम पर उतना ही पिछड़ा है. पिछले एक सप्ताह में यहां के चार अलग अलग गांवों से आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य विभाग (Helth Department) की असलियत को सतह पर ला दिया है. ये सभी मामले इसलिए भी बड़ा हो जाते हैं. क्योंकि इस जिले में स्वास्थ्य मंत्री समेत दो मंत्री का स्थाई ठिकाना है.

इसी महीने की 9 तारीख को प्रसव पीड़ा (labor pen) से कराह रही एक महिला को जंगली रास्ते से जुगाड़ के स्ट्रेचर मे तीन किलोमीटर तक ढोया गया. फिर उसे एंबुलेस महतारी एक्सप्रेस मिली और वो अस्पताल तक पहुंच सकी. इसके बाद बीते रविवार को फिर एक वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य महकमे की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है. इस बार भी मैनपाट के पनही पकना की 22 वर्षीय धनेश्वरी को प्रसव पीड़ा के बाद करीब डेढ घंटे महतारी एक्सप्रेस (Mahtari Express) का इंतजार करना पड़ा और जब महतारी एक्सप्रेस के पहुंचने की खबर उसके परिजनों को मिली तो फिर दो किलोमीटर पगडंडी रास्ते मे उसे मिट्टी ढोने वाले कांवर मे ढोया गया और जब डेढ घंटे बाद वो एम्बुलेंस तक पहुंची. तब तक देर हो चुकी थी.

रास्ते में ही बच्चे का जन्म
खराब रास्ते के कारण महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले महतारी एक्सप्रेस में ही बच्चे को जन्म दे दिया. इधर एक सप्ताह में चौथी ऐसी घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री का बयान भी चौकाने वाला है. क्योंकि उनकी माने तो उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चलता है कि कहां कहां पहुंच विहीन गांव हैं. मामले में हो हल्ला मचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी ही नहीं थी. अब व्यवस्था सुधारने के लिए काम किया जा रहा है.

एंबुलेंस को देना पड़ा धक्का
सरगुजा जिले मे अभी भी पनही पकनी, करमाहा, जैसे और भी पहुंचविहीन गांव है. खैर महिला को एम्बुलेंस तक छोडने के बाद भी प्रसव पीड़ित महिला के परिजनों का दर्द कम नहीं हुआ. क्योकि धनेश्वरी को एम्बुलेंस मे चढ़ाने के बाद परिजनों को कबाड़ एम्बुलेंस मे धक्का भी लगाना पडा. इधर सर्पदंश पीडित से लेकर प्रसव पीड़ा का ये चौथा मामला है. जो जिले के एक ही मैनपाट विकासखंड मे सामने आया है. लिहाजा ऐसे मामलों के लगातार उजागर होने को लेकर विपक्षी बीजेपी ने प्रशासन और शासन पर बेहतर मानिटरिंग ना करने का आरोप लगाया है. बीजेपी के प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि यदि व्यवस्था जल्द नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा.

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First published: August 12, 2019, 8:45 PM IST
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