शासन ने नहीं दिया ध्यान तो ग्रामीणों ने खुद नदी के बहते पानी के बीच बना दी सड़क

सरगुजा के ग्राम परसोडीकला में घुनघुट्टा नदी पर पु‍ल बनाने को लेकर शासन ने ध्‍यान नहीं दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही श्रमदान कर नदी के बीच सड़क बना दी.

Amitesh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 7, 2017, 4:27 PM IST
Amitesh Pandey
Amitesh Pandey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 7, 2017, 4:27 PM IST
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड से लगे ग्राम परसोडीकला में घुनघुट्टा नदी पर पुल निर्माण की राह ग्रामीण लंबे समय से देख रहे थे. कई बार मांग करने के बाद भी शासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई. इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही श्रमदान कर एक दिन में ही नदी के बहते पानी के बीच सड़क बना दी. हालांकि यह अस्थाई व्यवस्था के तहत बनाई गई सड़क है. गांव के प्रबुद्ध लोगों और सेवाभावी युवाओं ने इसमें धन राशि भी खर्च की.

सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में युवाओं और ग्रामीणों ने बोरे में रेत भरकर नदी में ऐसे रखा कि दोपहिये वाहनों से आवागमन भी शुरू हो गया है. इस अस्थाई सड़क से बरसात के मौसम से पहले तक ग्रामीणों को राहत मिलेगी. इस अस्थाई सड़क की बदौलत परसोडीकला सहित दर्जनों गांवों के लोगों को दोपहिया वाहनों से संभाग मुख्यालय आने—जाने में करीब 10 किलोमीटर का रास्ता कम हो जाएगा.​

सरगुजा जिले के पंचायत परसोडीकला और अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सुखरी के बीच घुनघुट्टा नदी बहती है.
इस नदी के कारण ऐसे दर्जनों गांव के लोगों को अम्बिकापुर आने के लिए 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. परसोडीकला और सुखरी के बीच घुनघुट्टा नदी में पुल न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पुल को लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की और जन प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. लेकिन आज तक कोई पहल नही हुई है.

हालांकि नदी पर पु​ल के सर्वे के लिए कई बार अधिकारी आ चुके हैं, लेकिन अब तक पुल का निर्माण कार्य भी शुरू नही हो सका है. इसके बाद ही ग्रामीणों ने अस्थाई सड़क बनाने का निर्णय लिया. इसके बाद सभी ने मिलकर श्रमदान किया और एक दिन में नदी को पार करने के लिए अस्थाई सड़क बना दी गई.

ग्रामीण गोविन्द राम व अभिषेक बताते हैं कि नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर वे क्षेत्रीय विधायक, सांसद सहित अन्य जन प्रतिनिधियों के सामने गुहार लगा चुके हैं. प्रशासन के पास भी मांग को लेकर आवेदन किया गया है, लेकिन कोई भी पहल अब तक नहीं हुई. इसके बाद ही सभी ने मिलकर अस्थाई व्यवस्था करने का निर्णय लिया. इससे बारिश के मौसम से पहले तक सुविधा होगी.

सरगुजा के जिला पंचायत के सीईओ अनुराग पांडेय का कहना है कि सरगुजा जिले में जल संग्रहण का कार्य नदी व नालों में किया जा रहा है. परसोडीकला गांव में यदि पुल की आवश्यकता होगी तो इसे संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी देकर पुल निर्माण की पहल की जाएगी. जब तक पुल नहीं बन जाते है, तब तक एक और लाइन बोरे बंधान का कार्य किया जाएगा.
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