छत्तीसगढ़िया झुरझुरी : कोरना होइस महा-विकराल, मचइस हाहाकार

आपकी भाषा, आपकी बात.

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जन-जन के आंसू ओरवाती के पानी कस झरत हे. खबर कोविड-19 जांच केंद्र ले आवत हे. खबर मरघट म सांस लेवत भागत हे. मनखे मन कोरोना के आगू मुड़ गड़ीयाय हें. करेजा के टुकडा बर भावना करेजाच म छटपटावत रहि जात हे. उदासी छागे. कइसे समय आगे?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 11:58 PM IST
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खबरीलाल के आसपास खबर आवत-जावत हे. खबर सनसनावत हे, वइसने जइसे बाढ़ आए ले नदिया सनसनाथे. जन-जन के आंसू ओरवाती के पानी कस झरत हे. खबर कोविड-19 जांच केंद्र ले आवत हे. खबर मरघट म सांस लेवत भागत हे. मनखे मन कोरोना के आगू मुड़ गड़ीयाय हें. करेजा के टुकडा बर भावना करेजाच म छटपटावत रहि जात हे. उदासी छागे. कइसे समय आगे? मनखे मनखे से डर्रावत हें. सग नता-गोता ले ये वायरस दूरिहा कर दिस. न शव-यात्रा, न कंधा के जरूवत. न प्रिय-जन के भीड़. ‘कोविड-किट’ म मुर्दा(मृत-देह) बंद हे, जिनगी के यात्रा खतम. चारों खुंट कोरोना के कोहराम. हर मरघट उपर एकक लाश भारी हे. कोविड-19 विकराल रूप धर के गाँव-शहर, अली-गली म तांडव करत हे. मरघट म लाश जलाय/दफ़नाय बर जगा कमती होवत हे. लाश के अंतिम संस्कार करे बर लाईन लगे हे. खबरीलाल के आँखी ले आंसू झरत हे. खुद अकबकागे. कइसन समय आगे? कोरोना संक्रमन से मृत आंकड़ा हांफ़त-कांपत दउड़त हे. खानापूर्ति होवत हे.

फेर रोजी-रोटी के संकट

गरीबदास किहिस-सब के कारोबार डगमगागे. रोजी-रोटी म फेर संकट आगे. रोज कमाना रोज खाना अब कठिन होगे. परान बाचही के नइ बाचही? फेर शुरू होगे घर वापसी. लाकडाउन म सांस अटकत हे. अउ कोरोना पाछू परे हे. छोटे कारोबारी फेर डगमगावत हें. पढ़इया लइका मन बर शिक्षा के शून्य-काल चलत हे. न पढ़ई, न परीक्षा, न स्कूल, न खेलकूद. छोटे लइका मन घरे म घुसरे-घुसरे असकटावत हें. चिडचिडावत हें. दाई-ददा लइका से बोर होगे हें. लइका दाई-ददा से बोर हें. उनकर व्यवहार म बदलाव होवत हे. कोरोना सब ल रोवावत हे. लइका मन विज्ञान के प्रश्न करत हें का दुनिया म जैविक-युद्ध होही? अड़ियल, इगड़े-बिगड़े मनखे मन कखरो चेताय ले नइ चेतत हें. पढ़े-लिखे मन घलो कोरोना नियम ल धक्का मारत हें. परिणाम देश भर म दिखत हे.

संक्रमन म छत्तीसगढ़ फस्ट
लालबुझक्कड़ अपन आंखी ल पोछ्त-पोछ्त किहिस-छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली आदि राज्य म कोरोना से सांस फुलत हे. अकेल्ला छत्तीसगढ़ म संक्रमन दर 30% होगे हे. प्रदेश के बीस जिला म लाक-डाउन तभो ले संक्रमन दर लगातार बाढ़त हे. मृत-देह के आंकड़ा पाछू के आंकड़ा ल ठेलत हे. हर कोरोना जांच केंद्र म भारी भीड़ हे. संक्रमित मरीज (पाजेटिव केस) बर जांच केंद्र कमती हे, उपर से भीड़ पेलत हे. व्यवस्था चरमरावत हे. वेंटीलेटर कोनो केंद्र म हे, कोनो केंद्र म कमती होय के शिकायत हे. बिना आक्सीजन कतको मरीज अपन परान तियाग दिन. परिवार चीखत, चिल्लावत, रोवत रहिगे.

कोरोना वारियर्स के दुःख

गरीबदास किहिस का बताबे भइया, प्रदेश म कहूं जरूरी दवा हे, कहूं नइ हे. आंक्सीजन सिलेंडर कहूं हे, त कहूं नइ हे? स्टाफ के कमी घलो समस्या हे. कोरोना जांच सेंटर म डाक्टर मन बर जरूरी सुविधा पूरा नइ हे. खबर हे के आम्बेडकर अस्पताल म कोरोना वारियर्स दुखी हें. इहां के डाक्टर, वार्ड-ब्वाय, आया बाई, नर्सिंग स्टाफ एक ठन नानकुन कमरा म पीपीई किट पहिने अउ निकाले बर मजबूर हें. ड्यूटी म गर्मी के सेती कतको डाक्टर मन बेहोश हो के गिर जथें. खराब पीपीई किट अउ मास्क के सेती कोरोना वारियर्स मन के संक्रमित होय के शिकायत हें. नानकुन कमरा म डाक्टर अउ स्टाफ पीपीई किट पहिनथें. इहें बैग अउ हेलमेट एक के उपर एक रखे जथे.



क्रिकेट मैच के चमत्कार

खबरीलाल किहिस-नेता मन के आरोप हे के प्रदेश म किरकेट मैच होइस. ओखर सेती कोरोना फइलत गिस. किरकेट के बिन आनंद कहां? बड़े किरकेट स्टेडियम के प्रदर्शन जरूरी रिहिस. पचास हजार दर्शक बिना मास्क लगाय किरकेट स्टेडियम के शोभा बढ़ावत रिहिन. कोरोना खुश होइस. किरकेट खिलाड़ी संग अद्रश्य कोरोना पायलागी अउ जय जोहार करिस. मैदान म चौका-छक्का के जादू चलिस. दर्शक नाक, मुहूं तोपे बिन लाम-लाम सांस लेके मैच के मजा लिस. कोरोना खुश होइस. ओखरो अद्रश्य चौका-छक्का बौछार चलिस. लोक-उत्सव, जनम उत्सव, अउ तिहार-बार म जनता बिजी रिहिस. जनता ल कोरोना डरूवाव्त हे. कोरोना के गाइडलाइन पठेरा म रखागे. मनचलहा मन कोरोना ल डरूवाना शुरू कर दिस. कोरोना अपन उपस्थिति बढ़इस. रफ्तार अतेक तेज होगे के पूरा छत्तीसगढ़ सिहरगे हे.

फूल-हार के संउख

लालबुझक्कड़ किहिस-छत्तीसगढ़ के वातावरण कोरोना ल खूब पसंद आय हे. नेता मन ल फूल-हार पहिने बहुत दिन होगे रिहिस. फूल-हार देख के उनकर मन खूब ललचाय. राजगद्दी के सुख अउ फूल-हार से दूरी नइ सहें गिस? कोरोना केस कमती होय के मौका अइस. उत्साहित जनता खुद कोरोना उपर झपागें. कोरोना अब धीरे-धीरे पूरा छत्तीसगढ़ म छागे. लाक-डाउन के बाद घलो संक्रमन के रफ्तार तेज हे. खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ म कोरोना संक्रमन के दर बहुत तेज होय ले सरकार हड़बड़ागे हे. अपन स्तर म सरकार व्यवस्था करत हे.

समाजसेवी आगू आइन

अब समाजसेवी मन आगू आवत हें. संक्रमित मरीज मन बर नि:शुल्क सेंटर खुलत जात हे. फेर संक्रमन बहुत बाढ़े से व्यवस्था डोलत हे. जिन्दगी अउ मौत के बीच के फासला घटत दिखत हे. सरकार के व्यवस्था म चूक अउ मनचले मन के कोरोना गाइडलाइन के पालन नइ करे ले कोरोना के भयानकता बाढ़गे हे. मृत्यु दर घलो बाढत हे. कोरोना वारियर्स मन दिन रात भिड़े हें. कोरोना वेक्सीन कंपनी के करमचारी मन घलो दिन रात एक करत हें. मानवता उपर महामारी के महासंकट हे.

( डिसक्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं.)
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