छत्तीसगढ़ी में पढ़ें: विधानसभा उपचुनाव म व्यंग्य–बान के बौछार, काखर होही बेड़ा-पार 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ह मरवाही पेंड्रा, गोरेला ल छत्तीसगढ़ प्रदेश के 28 वां  नवा जिला बना के विकास के संदेश दे हे.  ये क्षेत्र दू दशक ले कांग्रेस शासित रिहिस तभो ले विकास म बहुत पछवाय हे!! एखर एक कारन सरकारी योजना के लाभ जनता तक नइ पहुंचना घलो हे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 1:50 PM IST
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त्तीसगढ़ म मरवाही विधानसभा (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट बर उपचुनाव म चुनावी योद्धा विधासभा म जाय के सपना देखत चुनाव लड़त हें. कांग्रेस बंफर बहुमत ले सत्ता म बइठे हे.भाजपा के सदन म संख्या कांग्रेस के तुलना म बहुत कम हे. चुनाव कांग्रेस जीते चाहे भाजपा सत्ता के गणित प्रभावित नइ होय. सत्ता अउ विपक्ष के नेता मन राजनीतिक शब्द-भेदी व्यंग्य बाण एक दुसर उपर छोड्त हें. सब अपन आप ल जनता के सच्चा सेवक होय के परमान–पत्र देवत हें. अउ वोट  मांगत हें. जनता सबके सुनत हे. अपन ढंग ले गुनत हें. एहा बिलासपुर जिला मुख्यालय ले 150 की.मी.दूरिहा हे. क्षेत्र म घना जंगल हे जिहां आदिवासी जनजीवन हे.

इहाँ के विष्णु-भोग चावल देश–विदेश म परसिद्ध हे. दू दशक ले दमदार कांग्रेसी नेता देवइया ये क्षेत्र विकास बर तरसत रहिगे. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ह मरवाही-गोरेला-पेंड्रा ल छत्तीसगढ़ प्रदेश के 28 वां  नवा जिला बना के विकास के संदेश दे हे. ये ह 18 महीना के बघेल सरकार के सब ले सबले बड़े योगदान आय . ये क्षेत्र लंबा समे तक कांग्रेस शासित होय के बाद भी विकास म बहुत पाछू हे. एखर एक कारन सरकारी योजना के लाभ जनता तक नइ पहुंचना घलो हे. जिला बने के बाद अब विकास गति पकडही बशर्ते इहाँ के अगुवई  करइया नेता दमदार हो.

चुनावी घमासान: दुनों डाक्टर, आमने –सामने
कांग्रेस के प्रत्यासी डॉ.कृष्ण कुमार ध्रुव अउ भाजपा के प्रत्यासी डॉ.गंभीर सिंह दुनों डाक्टर आमने-सामने चुनाव-रथ म खड़े हें. जोगी कांग्रेस के अमित जोगी अउ ओखर पत्नी ऋचा जोगी के  नामांकन रद्द होय के बाद अब चुनाव के रण-क्षेत्र से जोगी कांग्रेस बाहिर होगे. कांग्रेस – भाजपा ल मिला के कुल आठ प्रत्यासी मैदान म हें. देखना ये है के पूर्व मुख्यमंत्री  स्व.अजित जोगी फैक्टर ले काखर भला होही? या ओखर प्रभाव शून्य त नइ हो जही. या परोक्ष रूप ले कोनो राजनीतिक दल जोगी काग्रेस ले लाभान्वित होहीं. सत्ताधारी कांग्रेस के शिविर म मंत्रिमंडल के जब्बर–जब्बर मंत्री /विधायक मन डेरा डारे हें. घेरी–बेरी चुनावी दौरा करत हे. महिला नेत्री मन घलो जमके चुनाव प्रचार करत हें.
वुहें भाजपा के शिविर म घलो बड़ हलचल हे. बूथ लेबल के परबंधन के रननीति बनत हे. काग्रेस के चुनावी छावनी म अनेकों चुनाव जितइया सत्ता सुख भोगी अनुभवी नेता अचूक चुनावी मैप बनवावत हें.मरवाही ले नवा चुनावी रिजल्ट निकलही या कांग्रेस अपन जुन्ना घर ल फेर पोगराही एला समे बताही.कांग्रेस खेमा म खुसी हे. जोगी परिवार के राजनीति उपर एखर निश्चित असर होही. अब चुनाव तींन-कोनीय न होके सीधा कांग्रेस-भाजपा के आमने–सामने के जुद्ध तय हे. कोनो तीसर शक्ति के हलचल मुकाबला के लइक नइ हे. मरवाही विधानसभा क्षेत्र म 03 नवम्बर के मतदान होना हे.



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मरवाही क्षेत्र म दौरा होव्इया हे. उनकर आय के बाद उप-चुनाव के परचार अउ गरमाही. मरवाही उप-चुनाव यदि कांग्रेस जीतही त ओखर उत्साह बहुत बढ़ जहि. कहूँ भाजपा जीतही त सत्ता खोय के निराशा थोरकुन कमती हो ही. भाजपा जनता तक संदेश पहुचाही के जनता के कांग्रेस ले मोह भंग होगे हे. फेर हाल जीत–हार त भविष्य के गरभ म हे.

डॉ.रमन सिंह के व्यग्य बान
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ,पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ह भाजपा के उम्मीदवार डॉ.गंभीर सिंह के पक्ष म चुनाव प्रचार करत हुए एक आम सभा म जनता ले अपील करिस के भाजपा प्रत्यासी ल वोट देव. कांग्रेस के उपर व्यग्य बान छोडिस के ये चुनाव ह सरकार बनाय बर नोहे बल्कि वर्तमान सरकार के चुनावी वायदा के हिसाब ले बर हे. ये सरकार धान बोनस अउ शराब बंदी ल भूलागे. यदि भाजपा मरवाही चुनाव जीतही त सरकार ल ओखर चुनावी वायदा के सुरता करवाही. पेंड्रा गोरेला ,मरवाही के सडक आज तक नइ सुधर पइस. डॉ.रमन सिंह किहिस के प्रदेश म अराजकता के माहौल हे. राज्य के गरीब मन ल प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ नइ मिल पाय हे. डेढ़ साल ले सरकार का करत हे? ये सरकार पूजीपति मन ले मिले हे. नारा दिस के ‘चारों तरफ अन्धेरा है ,पहरेदार लुटेरा हे.”

भाजपा प्रत्यासी डॉ,गंभीर सिंह हर अपन दौरा म जनता ल किहिस के हमर पहिली बुता मरवाही के विकास होही. भाजपा खोखला वायदा नइ करे ठोस बुता करइया पार्टी आय. छलपूर्ण राजनीति करइया मन ल चिन्हे के बेरा हे. प्रत्यासी डॉ, सिंह जनता ल अनुरोध करिसके भाजपा ल वोट दे के जिताहू. ये उपचुनाव म कांग्रेस पारटी के जीतना एखर सेती जरूरी लगत हे काबर के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक साख दांव म लगे हे. ओखेर डेढ़ साल के कामकाज के मतदाता मूल्यांकन करहीं. ये मूल्यांकन म उन ल नंबर वन आना हे.दूसर बात यहू हे के जोगी परिवार के संबंध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से परिवार बरोबर हे.मरवाही क्षेत्र म जोगी परिवार के प्रभाव घटाना घलो बघेल जी के लक्ष्य हो सकत हे.

नामाँकंन रद्द होय के बाद रेणु जोगी के नियाव-यात्रा
नामाँकंन रद्द होय के बाद अजित जोगी के पत्नी रेणु जोगी के अगुवाई म नियाव-यात्रा निकलत हे, जेन पूरा मरवाही विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण करही.ये यात्रा ले जनता ल बताय जही के उनकर संग नियाव नइ होय हे|उनकर कहना हे के अब जनता नियाव करही.अमित जोगी के कहना हे के मैं मरवाही के नेता नो हंव बेटा आंव. सबे दल के लोगन से दिल से पियार हे तेखर सेती न मैं कखरो विरोध म बोलंव न कखरो समर्थन म. भले जोगी परिवार ल बदला के दुरभावना मरवाही चुनाव ले अलग कर दे हें. फेर जोगी परिवार ल जनता के दिल ले अलग नइ करे जा सके.  हम मरवाही म वोट नइ मांगन, नियाव माँगबोन. उप-चुनाव म जोगी कांग्रेस न ये डाहर होही न ओ डाहर त नवा रद्दा ह ओला कते डाहर लेगही? ये सवाल बरोबर बने हवे. का ये चुनाव के संगे संग जोगी कांग्रेस के विसर्जन हो जही या वोला कोनो डाहर ले राजनीतिक पावर मिलही ?

कांग्रेस अपन जम्मो दल-बल के संग ये उप-चुनाव ल जीते बर सत्ता अउ संगठन के स्तर म  जोरदार चुनाव परचार म भिड़े हे. करीब पचास विधायक अउ बारा मंत्री मरवाही क्षेत्र म जमे हे. वुहें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ह वो दिन बिलासपुर म किहिस के कांग्रेस फेल होगे हे. भाजपा के 15 साल के कार्यकाल म जोन विकास होय हे वोला ले के पारटी जनता के बीच पहूँचत हे. प्रदेश के तत्कालीन भाजपा सरकार के उपलब्धि ल गाँव–गाँव म पहुंचाय जात हे.
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