• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarhi
  • »
  • छत्तीसगढ़ी व्यंग्य : हीरा गंवागे कचरा म, दारू भट्टठी के बाहिर पियो-जियो के रोज मेला

छत्तीसगढ़ी व्यंग्य : हीरा गंवागे कचरा म, दारू भट्टठी के बाहिर पियो-जियो के रोज मेला

चल सरकारी खजाना त भरत हे! सिधवा मनखे ल दारू शेर बना देथे.

चल सरकारी खजाना त भरत हे! सिधवा मनखे ल दारू शेर बना देथे.

दारू पियइया पियक्कड़जी मन घलो सरकार के सम्माननीय वोटर आंय. एखर सेती कल्याणकारी राज्य म उनकर बर मदिरा सुलभ कराना सरकार के बुता हे. सो सरकार करत हे. कतको झन कथें हम पिथन एकरे सेती ताकि सरकार के खजाना भरे राहय. अइसे सोचइया मन धन्य-धन्य हें’.

  • Share this:
खबरीलाल ह लालबुझक्कड़ ल किहिस-‘बात-बात म बात निकलथे. कोरोनाकाल म दवा-दारू वाले मन बर अच्छा दिन सिद्ध होवत हे. दवा हर मरीज बर जरूरी हे. दारू सब उपर भारी हे. सरकारी दारू पिए के अलग सुख हे . दारू-भगत मन कहिथें के जिनगानी के मजा दारू पिए म हे . पियो अउ जियो. जेन नइ पिस तेंन जिंदगी के मजा ल का जानही. जेन मजा लेवत-लेवत जियत हें उन दारूमय होवत हें’.

ये भी पढें: : थोर बहुत टुहुल-टाहल करते रहना चाही, फुरसुधहा लागही

दारू मय दिन-रात
लालबुझक्कड़ किहिस-‘दिन म दारू,रात म दारू. हम दारू के अइसनो मजा लेवइया मन ल देखे हन जेन पानी के जगा म दारू पिथें. जइसे तरह-तरह के दारू होथे वइसने तरह-तरह के दारू पियइया होथें. दारू म डूबकइया, नहवइया घलो होथें. दारू पियइया पियक्कड़जी मन घलो सरकार के सम्माननीय वोटर आंय. एखर सेती कल्याणकारी राज्य म उनकर बर मदिरा सुलभ कराना सरकार के काम हे. सो सरकार करत हे. लाकडाउन-काल म घर पहुँच सुविधा सरकार बिना दुविधा के देवत रिहिस. कतको झन कथें हम पिथन एकरे सेती ताकि सरकार के खजाना भरे राहय. अइसे सोचइया मन धन्य-धन्य हें’.

ए डाहर दे, ओ डाहर ले
खबरीलाल किहिस- ‘उनकर महान योगदान बर सरकार उन ल घर पहुंच, नल पहुंच सेवा दे. अमरित मिशन सरीख नल, घर पहुंच दारू-मिशन दारू परेमी वोटर मन बर होना चाही. छत्तीसगढ़ अइसे सेवा देवइया देश के पहला राज्य हो सकत हे. हमर छत्तीसगढ़ ये सुविधा पाय बर एक गोड़ म खड़े हे. दारू बंदी नही त दारू सुविधा जरूर बढ़ाय जाय. हर चउंक, गली,मोहल्ला म स्पेशल दारू टंकी बने. पुख्ता परबंध ले दारू सप्लाई हो, एखर ले दारू बिक्री बाढ़ही सरकार के खाली खजाना गरू होही. घेरी बेरी करजा ले बर नइ परही. ए डाहर दे ओ डाहर ले. तहूँ खुश,महूँ खुश.

इंद्र लोक के दरसन
लालबुझक्कड़ किहिस-‘वइसे जब सरकार दारू बेचथे तब दारू पियइया मन ल सरकारी दारू के गुदगुदी के अहसास होथे. दारू भट्टठी के बाहिर पियो-जियो के रोज मेला लगथे. इन ल कोनो वायरस के डर नइ होय. रोज मेला-मिलन होथे. बिछड़े-पिछड़े, अटके-भटके यार सब मिल बइठथें तब इन ल इंद्र-लोक के दरसन होथे. इंद्र सभा दिखथे. कोरोना-काल म पिए के आनंद कई गुना बाढ़गे हे. दारू पीरा हरण करथे. घर संसार भुलवा के मन मगन कर देथे. दारू सुंदर सपना देखाथे, कुछ समे बर शेर बना देथे, दुनिया गोल घुमा देथे.

इंद्र-सभा के दरसन
खबरीलाल किहिस-‘इंद्र लोक के देवता मन सुरा-पान करथें. पूज्य होथें. हमर देश म अइसना देवता कस मनखे मन ल ओ मान-सम्मान कहाँ मिल पाथे. सड़क, रददा, बाट म दारू पियईया मन ल बने नइ मानें जाय. घर या बाहिर म एकट्ठा होके एखर पिये के बिधि-विधान हे. घर मा सोम रस सेवन करे ले, बाहिर म मान बाढ़थे. कतको झन पिए म रिकार्ड बनाय हे. सम्माननीय पियक्कड़जी मन कथें दारू म डूबके ले नवा-नवा गियान मिलथे. एमा दारू के महानता हे के पियइया के एला उही मन जानें जेन पी के अमर होगें या ओ रद्दा म हें.

भट्टी होइस पावर हॉउस
लालबुझक्कड़ किहिस-पंचइती-दरी मरहा-खुरहा मन बर होथे. गोस्वामी तुलसीदास रामचरित मानस म लिखे हे‘समरथ को नहिं दोस गोसांई’, बड़हर(धनी) मन बर सब माफी हे. पियक्कड़जी मन गली म घोंडइया मारत रहिथे, बाहिर म कोनो उतान परे रहिथे, ये सब दारू के माया आय. दारू म राजमुकुट पहिनाय अउ उतारे के पावर होथे, तब राजा रंक अउ रंक राजा बन जथे. एकरे सेती दारू भट्टी ल पावर हाउस-बरोबर जान, जेहा दिन-रात हॉउस-फूल रहिथे.

हीरा गंवागे कचरा म
खबरीलाल किहिस-‘सरकार दारू पियइया मन के भीड़ देख के खुश होथे, चल सरकारी खजाना त भरत हे! सिधवा मनखे ल दारू शेर बना देथे. शेर दिल इंसान अपन दिल के बंद कपाट अउ खिरकी (झरोखा) ल खोलथे. शुद्ध हवा आथे.गला तर होथे ,फेफड़ा सांय-सांय हवा खिंचथे छोड़थे. ये ह दारू(सूरा,मदिरा) के माया आय.

शेखचिल्ली किहिस-जब पियककड़ मन “जो मांगोगे, मिलेगा” वाले मूड म आथे तब अपन अपन तनखा ल दारू म घोर देथें. सब संगवारी मन संग एके झटका म देवारी-होली मना लेथें. दू-चार नोट कुरता के जेब म परे रहिथे. उन सायराना अंदाज म अपन घर पहुंचथे. जेखर गोड़ भारी होथे, तेंन घर नइ पहुंच पांय त अचरा-कचरा म हीरा बरोबर परे-डरे रहिथें. कुकुर उनकर मुहूँ ल चांट के पवित्र करथे .देखइया मन कथें “देख तो गा हीरा गंवागे कचरा म”.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज