छत्तीसगढ़ी विशेष: वीर माइलोगिन के नाव ले जाने जाथे छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के ओ वीर नारी बिलासा के सुरता मा आज घलो चँउक के नाव बिलासाचँउक हे. तरिया के नाव बिलासाताल हवय. कालेज के नाव बिलासा कालेज हावय. अइसन पूजनीय नारी के बारंबार चरण बंदगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 1:42 PM IST
  • Share this:

त्तीसगढ़ के भुँइया मा अतका वीर जनम धरे हे जेखर गिनती नइ करे जा सके. ये वीर मन ले ऊँखर राज के राजा अउ परजा मन बड़ मया करे. यहू वीर मन राजा के मान गउन ला बढ़ाय बर कमती नइ करय. परजा मन के दुख सुख बर घलो बनेच बूता करय. अपन राज के मान बढ़हइया वीर मा पुरुष संग नारी परानी मन घलो आगू रहँय. छत्तीसगढ़ मा अइसने एक वीर नारी परानी रहिस जेखर नाव रहिस बिलासा. चार सौ बच्छर ले आगर ,पहिली के बात आवय. लगरा गाँव के परसू अउ बैशाखा हा अपन गाँव लगरा ले निकल के अरपा नदिया के तीर मा कुरिया बनाके रहे लगिन. जात के केंवट रहय ता दूनों झन नदिया मा मछरी धरे बर जावँय. बेरा बखत आइस ता बैशाखा हा अम्मल मा होइस अउ ओखर एक नोनी होइस. नोनी के सुन्दर रूपस ला देख के ओकर नाव राखिन बिलासा.


बिलासा हा नोनी तो रहय फेर नानपन ले टूरा मन संग उँखरे खेल अउ खेलउना ला खेलय. टूरा मन संग कुश्ती करय अउ युद्ध कला सीखय. बड़ ताकतीन घलो रहय. एक बेरा गांव मा एक ठन कोलिहा खुसर गे अउ एकझन नानकुन लइका ला लेगत रहय, वो कोलिहा ला बिलासा हा लउड़ी मा मार के खेदारिस अउ दाई ददा ला ओखर लइका ला देइस. ओखर ए हिम्मत ला देख के गाँव के सबो सियान मन ओला गांव सुरक्षा दल के मुखिया बना दिन. बिलासा बाढ़े लगिस अउ गांव के दूसर समाजिक बूता मा संग देयबर लगिस. नाचा गाना या घलो संघर के संग देवय. बरसा काल मा अरपा नदिया मा आट पाट पूरा आवय ता ए पार ले, ओ पार डोंगा मा बइठार के मनखे मन ला लेगे लानय. पानी पूरा मा डर्रावय नइ . बिलासा के उमर हा बिहाव करे लाइक होगे रहय. दाई ददा मन बिलासा के बिहाव बंशी के संग कर देइस.


ससुरार जाके बिलासा जंगल ले चार, तेंदू अउ जंगल के फर फूल लान के बेंचय. बंशी हा भँइसी चराय बर जावय. एक दिन संझा बिलासा हा बंशी के संग जंगल ले घर लहुटत रहिन उही बेरा ओ राज के राजा कल्याण साय उपर शेर हा झपट दिस. एला देख बिलासा हा टंगिया मा शेर ला मार के भगाके राजा के परान बचाइस. राजा ओखर शेर ला मारके भगाय के  हिम्मत ला देख अउ अपन परान बचाय ले खुश होके ओला इनाम मा अरपा के दूनो घाट के जागीर ओला दे दिस अउ अपन महल रतनपुर लहुटगे. पाछू ओला रतनपुर बलाके, तलवार दे के नारी सेना के सेनापति बना दिस. बिलासा हा बड़ जतन करके राज्य के संगेसंग  अपन गांव के बिकास करे लगिस. बिलासा के ताकत अउ हिम्मत ले राजा अउ राज्य के मान बाढ़त देख परोसी राज के राजा हा आक्रमण कर दिस.


छत्‍तीसगढ़ में पढ़ें: गांव मं रोजगार नहीकिसान करय तो करय का?


बिलासा हा अपन सेना संग राज्य के रक्षा बर बड़ हिम्मत ले आखिरी दम तक लड़िस अउ लड़त लड़त अपन परान ला देके जीत देवाइस. पाछू ओ वीर नारी ला सम्मान देय बर राजा कल्याणसाय हा ओ मछन्दर केंवट बस्ती के गांव के नाव ला बिलासा के नाव मा बिलासापुर राखिन. इही बिलासापुर हा आज छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर के नाव ले जाने जाथे. छत्तीसगढ़ के ओ वीर नारी बिलासा के सुरता मा आज घलो चँउक के नाव बिलासाचँउक हे. तरिया के नाव बिलासाताल हवय. कालेज के नाव बिलासा कालेज हावय. छत्तीसगढ़ के अइसन पूजनीय नारी के बारंबार चरण बंदगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज