छत्तीसगढ़ी में पढ़ें: एक अइसे छत्‍तीसगढ़ी कहावत जउन म समाए हे एक लोक कथा

छत्‍तीसगढ़ी के कहावतन म पूरा के पूरा दंतकथा समाए हे,

छत्‍तीसगढ़ी के कहावतन म पूरा के पूरा दंतकथा समाए हे,

छत्‍तीसगढ़ी कहावत 'जइसन ला तइसन मिलै, सुन गा राजा भील. लोहा ला घुन खा गै, लइका ला लेगे चील' म पूरा के पूरा कहानी समाए हे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 3:49 PM IST
  • Share this:
त्‍तीसगढ़ी के एक कहावत 'जइसन ला तइसन मिलै, सुन गा राजा भील. लोहा ला घुन खा गै, लइका ला लेगे चील' म पूरा के पूरा कहानी समाए हे. ये छत्तीसगढ़ी लोकोक्ति के भावार्थ हे दूसर मन ले बुरा व्यवहार करइया ल बने व्यवहार के अपेक्षा नइ करना चाही मने जइसन ल तइसन व्यवहार मिलना चाही. पीढ़ी दर पीढ़ी चले आत वाचिक परम्परा के ये लोकोक्ति ले जुड़े दंतकथा ये प्रकार हे.

एक गांव म दू मितान आस पास म रहत रहिन, दुनों म प्रगाढ़ मित्रता रहिस. एक पइत एक मितान ल कोनो काम ले दूरिहा कोनो गांव जाना रहिस. ओखर तिर वरदान म मिले लोहा के एक भारी तलवार रहिस, ओ हर सोंचिस के वो भारी तलवार ल बाहिर गांव ले जाय के जगा अपन मितान तीर सुरक्षित रख देवय अऊ वापस लहुट के ले लेवय. ओ हर वइसनेच करिस अऊ तलवार दूसर मितान के घर रखके गांव चल दीस.

कुछ दिन बाद वो ह वापस अपन गांव लहुटिस अऊ अपन मितान ले अपन तलवार ल मांगिस, फेर मितान लालच म पर गे अऊ तलवार ल हड़पे बर बहाना बना दीस के वो तलवार ल तो घुना खा दीस. तलवार के मालिक ह मितान के ये व्यवहार ले अड़बड़ दुखी होइस फेर कुछ नइ कर सकीस.



समय बीतत गीस, बात आए गए हो गीस. कुछ समय व्यतीत होए के बाद दूसर मितान ल घलोक कोनो काम ले बाहिर गांव जाना परिस. ओला जल्दी जाना रहिस अऊ परिस्थिति कुछ अइसे बनिस के ओला अपन छोटे लइका ल मितान तीर छोड़ना परिस. काम निबटा के जब वो वापस गांव लहुटिस अऊ अपन लइका ल मितान मेर ले मांगिस त मितान ह कहिस के ओला तो चील उठा कर ले गए.
दुनों के बीच लड़ाई बाढ़ गए अऊ बात भील राजा के दरबार म पहुचीस. राजा ह मामला सुनिस अऊ समझिस, ओ ह न्याय करत तलवार ल दबा लेवइया मितान ल तलवार वापस देवाइस, मितान ह ओला ओखर लइका वापस दे दीस. तेकरे सेती ये हाना ल बोले जाथे 'जइसन ला तइसन मिलै, सुन गा राजा भील. लोहा ला घुन खा गै, लइका ला लेगे चील.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज