7वीं की छात्रा ने बिजली विभाग की लापरवाही की खोली पोल

News18India
Updated: November 15, 2012, 11:15 AM IST
7वीं की छात्रा ने बिजली विभाग की लापरवाही की खोली पोल
सोचिए कि बच्चे क्या कर सकते हैं। खेल कूद, पढ़ाई, शरारतें इससे ज्यादा बच्चों से उम्मीद नहीं की जाती।
News18India
Updated: November 15, 2012, 11:15 AM IST
जौनपुर। सोचिए कि बच्चे क्या कर सकते हैं। खेल कूद, पढ़ाई, शरारतें इससे ज्यादा बच्चों से उम्मीद नहीं की जाती। लेकिन बच्चे अगर ठान लें तो वो काम कर सकते हैं, जो बड़ों के लिए भी आसान नहीं। सलोनी कक्षा 7 में पढ़ती है। सलोनी गुप्ता सिटीज़न जर्नलिस्ट बनकर आपका ध्यान एक बढ़े खतरे की तरफ़ खींचना चाहती हैं।

सलोनी गुप्ता ने बताया कि हम लोग सुबह शाम जिस रास्ते से स्कूल आते जाते हैं, वहां रास्ते पर ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा के लिए तार तक नहीं बांधे गए हैं। ट्रांसफार्मर के आसपास खुले तार बिजली विभाग की लापरवाही बताने के लिए काफी है और यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। सलोनी गुप्ता ने संपर्क किया सिटीजन जर्नलिस्ट टीम से, ताकि बिजली विभाग जो अब तक सो रहा है वो अब जाग जाए।

सलोनी गुप्ता ने बताया कि हमारे स्कूल के प्रिंसिपल ने हमें बताया कि वो ट्रांसफार्मर को यहां से हटाने के लिए प्रशासन से अनुरोध कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सलोनी ने बताया कि बिजली विभाग सिर्फ हमारे स्कूल के बच्चों को ही खतरे में नहीं डाल रहा है बल्कि हमारे शहर में कई ऐसे इलाके हैं जहां के हजारों लोगों को खुले में रखे ट्रांसफार्मरों के पास से होकर गुजरना पड़ता है।

जौनपुर शहर में दर्जनों ऐसी जगह मिल जाएंगी जहां पर ट्रांसफर्मर को ऐसे ही खुले में रख बिलजी विभाग दुर्घटना को दावत दे रहा है। सलोनी अपने स्कूल के साथियों को लेकर बिजली विभाग के अफ़सरों के पास जा रही हूं। सलोनी ने बताया कि स्कूल के टीचरों ने बताया है कि ट्रांसफार्मरों से नागरिकों को बचाने की जिम्मेदारी कहीं ना कहीं डीएम साहब की भी है।

इसलिए सलोनी ने फैसला लिया कि ये शिकायत उन तक भी पहुंचाई जाए। सलोनी ने बताया कि हमारा मकसद जिलाधिकारी तक सिर्फ अपनी बात पहुंचाना ही नहीं बल्कि कोशिश है कि जल्द से जल्द खुले में रखे हुए ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए। इसलिए हम समय-समय पर देखेंगे की ये काम हो रहा है कि नहीं।


First published: November 15, 2012
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर