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जारी है गरीबों का राशन हड़पने का गोरखधंधा

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन के घपले के बारे में बताया संतोष ने।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन के घपले के बारे में बताया संतोष ने।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन के घपले के बारे में बताया संतोष ने।

  • News18India
  • Last Updated: April 10, 2015, 9:52 AM IST
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सरकार ने राशन की दुकानें जगह जगह खोली हैं, जिससे गरीब लोग कम कीमत पर अनाज ले सकें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन लेने की योजना का फायदा गरीब लोग ही नहीं उठा पा रहें हैं। इसकी वजह है की लोगो को नियमों के बारे में पता नही है। इस बात का फायदा राशन बाटने वाले उठाते हैं और राशन बांटने में काफी गड़बडी करते हैं।

दिल्ली से सिटीजन जर्नलिस्ट संतोष ने इसी मुद्दे की उठाया है

कई बार राशन की दुकान वाले लोगों के लिए आया राशन उन्हें नही दे कर महंगे दामों में बाजार में बेच देते हैं। इस तरह की चोरी रोकने के लिए सरकार ने 2003 में राशन के पब्लिक आडिट का नियम बनाया था। इस नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति शनिवार को राशन के आफिस जा कर अपना रिकोर्ड देख सकता है।



इससे ये पता चल सकता है कि उस व्यक्ति के लिए आया राशन, दुकान वाले ने किसी और को तो नहीं बेच दिया। संतोष ने इसकी हकीकत जानने के लिए सोनिया विहार जाकर लोगों से पूछताछ की।
यहां के लोगों से बात करने पर कई परेशानियों का पता चला। यहां राशन वाला दुकान रोजाना नहीं खोलता है। लोगों के साथ बदतमीजी करता है और राशन भी नही देता है।

कई लोगों का कहना है कि उनहे उनके कोटे का राशन भी पूरा नही मिल रहा है। नियमों के मुताबिक राशन लेने पर कैश मैमो दिया जाना चाहिए लेकिन ऐसा भी नही हो रहा। यहां के कई राशन कार्ड खाली मिले।

संतोष हकीकत जानने के लिए पीड़ित महिलाओं को लेकर यमुना पार के सर्किल 51के राशन के आफिस गईं। लेकिन अधिकारी कैमरे को सामने देख हकीकत से बचते हुए दिखे। कैमरे पर चोरी पकड़े जाने के डर से अधिकारियों ने उन्हें रिकोर्डिग भी नहीं करने दी।

हैरत की बात ये है कि ऑफिसरों ने कार्यवाही करने के बजाए लोगों पर ही शिकायत नहीं करने का अरोप लगाना शुरू कर दिया। ऑफिसर ने ये नहीं बताया कि आम लोग उन तक कैसे पहुंच सकते हैं।

संतोष ने आफिस में पांच राशन कार्डो के रिकोर्ड की जांच की। सभी में ये पाया कि डेली सेल रिपोर्ट में राशन दिए जाने की बात दर्ज है जबकि राशन कार्ड पर कोई राशन नहीं दिया गया है।

इससे साफ जाहिर है की राशन की दुकान वाले ने रजिस्टर में नकली साइन बना कर इन लोगो का राशन कहीं और बेच दिया। ये न केवल राशन की चोरी है, बल्कि नकली साइन बनाना फोर्जरी का क्रिमिनल अपराध भी है। जिसके लिए राशन की दुकान वालो को जेल की सजा हो सकती है।

संतोष ने कहा कि अगर लोग खुद कोई पहल नहीं करेंगे तो कुछ भी सुधार नहीं होगा।

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