आगरा छात्रा मर्डर केस में शक के घेरे में दो लोग

आगरा में छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में दो लोग शक के घेरे में आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि इन्हीं में से किसी एक ने वारदात को अंजाम दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच में ये बात भी सामने आई है।

News18India
Updated: March 18, 2013, 4:39 AM IST
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आगरा। आगरा में छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में दो लोग शक के घेरे में आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि इन्हीं में से किसी एक ने वारदात को अंजाम दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच में ये बात भी सामने आई है कि आरोपी का मकसद केवल हत्या करना नहीं था बल्कि लड़की से शारीरिक संबंध बनाना भी था। लेकिन जब आरोपी अपने मकसद में नाकाम रहा तो उसने गुस्से में आकर छात्रा की हत्या कर दी।

पीएचडी की छात्रा के कत्ल की गुत्थी सुलझाने में जुटी आगरा पुलिस ने अब दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में ही डेरा डाल दिया है। आरोपी का सुराग तलाशने के लिए पुलिस अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों के फिंगर प्रिंट ले चुकी है। पुलिस ने शुक्रवार शाम को लैब में हुई पूरी वारदात का सिलसिलेवार एक क्रम तैयार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या का आरोपी छात्रा के साथ लैब में ही मौजूद था और छात्रा उसे अच्छी तरह जानती थी। जब छात्रा लैब के अंदर ही दूसरे हिस्से में गई तभी आरोपी ने एक बोतल से क्लोरोफॉर्म निकाला और छात्रा के पीछे जाकर उसकी नाक पर लगा दिया जिसके बाद छात्रा बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने लड़की के हाथ पीछे बांध दिए और मुंह को रुमाल से बांध दिया फिर उसके कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा लेकिन इसी दौरान छात्रा होश में आ गई।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ये मान कर चल रही है कि ये सब करने में हत्यारे को दो मिनट के आसपास का समय लगा होगा, क्योंकि लैब में रखा क्लोरोफॉर्म लोकल था और दो मिनट से ज्यादा कोई बेहोश नहीं रह सकता। इसके बाद लड़की भागने की कोशिश करने लगी। ये सब देख हत्यारे ने लैब में पड़ा सर्जिकल ब्लेड उठाया और लड़की पर पहला वार पीछे से किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक लड़की के पेट, गले, हाथ और पैर पर सर्जिकल ब्लेड के जरिए कई वार किए गए। हालांकि लड़की के साथ बलात्कार की अब तक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन पुलिस इससे अभी इनकार भी नहीं कर रही है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो वारदात के बाद आरोपी ने लड़की का बैग, मोबाइल फोन और अटेंडेंस रजिस्टर उठाकर लैब को बाहर से ताला लगाकर बंद कर दिया और लड़की की ऑल्टो कार में ही फरार हो गया। तेज रफ्तार में जब आरोपी कार से भाग रहा था तभी इंस्टीट्यूट के गेट पर मौजूद एक शख्स ने उसे देख लिया। उस दौरान वहां मौजूद एक शख्स के हाथ से कुछ खाने की चीज गिर गई उसने हत्यारे की तरफ देखा और गुस्से में उसे कुछ बोला लेकिन हत्यारा तेजी से निकल गया और 3 किलोमीटर दूर जाकर सुनसान जगह पर बैग में रखा सारा सामान फेंक दिया और कार को वहीं छोड़ फरार गया।

मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस को झाड़ियों से एक लैपटॉप मिला है। पुलिस को इस लैपटॉप से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस ने चश्मदीद के बताए हुलिए के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की है। जिसके बाद अब शक की सुई दो लोगों पर घूम रही है। सूत्रों का कहना है पुलिस अब इन दोनों संदिग्धों की वारदात वाले दिन लोकेशन पता करने में जुटी है। जांच में ये तो पता चल गया है कि ये दोनों छात्रा को पहले से जानते थे और उनकी दोस्ती भी थी।

हालांकि पुलिस अब तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। पुलिस को शक है कि हत्यारा विदेश भी भाग सकता है। इस बात को ध्यान में रखकर पुलिस एक एक कदम फूंक फूंक कर बढ़ा रही है ताकि आरोपी को ये न लगे कि पुलिस उस तक पहुंचने की कोशिश में है।

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