PHD छात्रा मर्डर केस: लैब टैक्नीशियन और छात्र गिरफ्तार

15 मार्च को आगरा के दयालबाग कॉलेज में पीएचडी की छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों गिरफ्तार किया है। इसमें कॉलेज को चलाने वाली संस्था के डायरेक्टर का रिश्तेदार भी है।

News18India
Updated: April 23, 2013, 5:10 PM IST
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आगरा। 15 मार्च को आगरा के दयालबाग कॉलेज में पीएचडी की छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि फारेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ये गिरफ्तारी की गई है। दोनों आरोपी कॉलेज से ही जुड़े हुए हैं यही नहीं छात्रा को लेकर उनकी नियत ठीक नहीं थी। यही नहीं एक आरोपी कॉलेज का छात्र है और कॉलेज को चलाने वाली संस्था के डायरेक्टर का रिश्तेदार भी है।

एक महीने से पुलिस नेहा हत्याकांड में दोषियों को खोज रही थी। लेकिन पुलिस के रास्ते दिन पर दिन मुश्किल होते जा रहे थे। पुलिस की माने तो हत्यारा गुमराह कर रहा था। अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन आखिरकार एक महीने बाद पुलिस के हाथ हत्यारे तक पहुंच गए।

छात्रा की हत्या में दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसमें से एक कॉलेज का ही बीएससी का छात्र उदय स्वरुप और दूसरा लैब टेक्निशियन यशवीर है। पुलिस ने बताया कि छात्रा के शव के पास पुलिस को खून से सना हुआ बालों का एक गुच्छा मिला था। फॉरेंसिक जांच में बालों का ये गुच्छा उदय स्वरुप निकला। रिपोर्ट आते ही पुलिस ने उदय को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तो जल्द ही उसका साथ देने के आरोप में लैब टेक्निशियन यशवीर भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

आगरा के एसएसपी सुभाष दुबे ने बताया कि अभी गिरफ्तार हुए दोनों लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं है लेकिन इनके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं।

पुलिस का कहना है कि छात्रा ने अपनी गाइड को बताया था कि उदय उसके साथ कई बार छेड़छाड़ कर चुका है। सूत्रों की माने तो उदय इतना प्रभावशाली था कि कभी भी कॉलेज प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
उदय के नाना आईपीएस रह चुके हैं। वो कॉलेज चलाने वाली संस्था के डायरेक्टर भी हैं।

जाहिर है कॉलेज में उसका रुतबा था। पुलिस की माने तो ये उदय का प्रभाव ही था कि उसके पास पीएचडी लैब की चाभी तक मौजूद थी। पुलिस के मुताबिक 15 मार्च को छात्रा को उदय ने लैब में रखा क्लोरोफार्म सुंघाया। जब वो बेहोश हो गई तो उदय ने लैब टेक्निशियन यशवीर की मदद से उसके हाथ पैर बांध दिए। इसके बाद उसने छात्रा से बलात्कार की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान छात्रा होश में आ गई और उदय की इस करतूत का विरोध करने लगी। पुलिस के मुताबिक छात्रा के इस विरोध से घबराए उदय ने हत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
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पुलिस की माने तो उसे पहले से ही ये पुख्ता शक था कि छात्रा की हत्या में उदय का हाथ है। सूत्रों की माने तो खुद उदय लगातार पुलिस की जांच पर नजर रख रहा था। जहां पुलिस जांच और पूछताछ करती थी वो भी आस पास मौजूद रहता है। लगातार पूछताछ के बाद जब उदय का नाम सामने आया तो पुलिस ने उसे हिरासत में भी लिया। लेकिन पुलिस उससे कुछ उगलवा नहीं सकी।

कहा जाता है कि उदय ने पुलिस जांच से बचने के लिए अपने प्रभाव का भी खूब इस्तेमाल किया। यही वजह है कि पुलिस उस पर सख्ती नहीं कर सकी। लेकिन आखिरकार एक सबूत ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। हांलांकि उदय ने अभी भी पुलिस के सामने मुंह नहीं खोला है।
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