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गुजरात में बाढ़ से 12 मरे, 50 हजार लोग बेघर

राजकोट में हुई 15 इंच बारिश ने शहर को समंदर में तब्दील कर दिया। गुजरात में 50 हजार लोग घरबार छोड़ने को मजबूर हुए हैं जबक ...अधिक पढ़ें

  • News18India
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    अहमदाबाद। बुधवार देर रात से लेकर गुरुवार सुबह तक राजकोट में हुई 15 इंच बारिश ने पूरे शहर को समंदर में तब्दील कर दिया। अबतक गुजरात में पचास हजार लोग घरबार छोड़ने को मजबूर हुए हैं जबकि 12 लोगों की मौत भी हुई है।

    मूसलाधार बारिश राजकोट के लोगों पर आसमानी आफत बनकर टूटी। एक ही रात में 15 इंच से ज्यादा बारिश हो गई। बारिश से मानो शहर में बाढ़ आ गई हो। शहर का हर चौराहा टापू में बदल गया। लोग तैरकर जाने के लिए मजबूर हैं। सड़क तो सड़क, आलम ये है कि लोगों के घर भी नहीं बच पाए। राजकोट की 30 से भी ज्यादा सोसायटी में तीन से पांच फीट तक पानी भर गया है।

    राजकोट शहर का त्रिकोण बाग, जंगलेश्वर, चुनारवाड, रैयाधार रोड पूरी तरह जलमग्न हो गया। दरअसल अरब सागर में कम दबाव की वजह से गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में भारी बारिश हो रही है। बारिश के बादल गुजरात के ऊपर ठहर गए हैं। पहले मध्यप्रदेश और दक्षिण गुजरात में तेज बारिश हुई। अहमदाबाद समेत राजकोट, जूनागढ़, पोरबंदर, भावनगर, जामनगर, कच्छ और अमरेली जिले में 2 से 15 इंच तक बारिश हुई है। लोग हैरान-परेशान हैं।

    पानी के आगे लोग बेबस हैं। करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो चुकी है। नवबंदर बंदरगाह के आसपास रहने वाले लोगों को चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने समंदर के आसपास के गांवों को अलर्ट जारी किया है। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। बुधवार को 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड को लगाया गया। राजकोट से 2000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं।

    न केवल राजकोट बल्कि सौराष्ट्र के बाकी जिलों में भी बाढ़ का जबरदस्त खतरा है। अमरेली और जूनागढ़ में भी बारिश ने कहर बरपाया है। अमरेली जिले के कई इलाकों में 5 से 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। बारिश इतनी हुई है कि आसपास के बांध ओवर फ्लो कर रहे हैं। लगातार बारिश से इनका पानी बढ़ता जा रहा है। अमरेली का खोडीयार, जूनागढ़ के ओजत, धड़ाफड़ा, हिरन और धोराजी के भादर बांध में पानी ज्यादा हो गया है। इन बांध के आसपास के गांवों के लिए खतरा बना हुआ है।

    भारी बारिश की वजह से कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कालाघोड़ा, विश्वामित्री नदी में बाढ़ आ जाने से सयाजीगंज, परशुराम भट्ठा, संजयनगर, सयाजीनगर समेत निचले इलाकों के दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

    सौराष्ट्र के अलावा पिछले तीन दिन से बाढ़ का सामना कर रहे भरूच की स्थिति में कोई ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। भरूच और आसपास के इलाकों से अबतक सोलह हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। थोड़ी राहत की बात ये है कि बारिश अब रुकी है जिसके चलते सूरत, भरूच, वड़ोदरा में अगले दो दिन में हालात सामान्य होने के आसार दिख रहे हैं।

    पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश की वजह से गुजरात के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। आसमानी आफत ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए इससे पूरी तरह से उबरने में कुछ और वक्त लगेगा।

    Tags: Rajkot

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