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महाराष्ट्र में उत्पाद 'राज', टोल नाकों पर तोड़फोड़!

सोमवार को भी मुंबई के अलावा जलगांव, रायगढ़ के टोल नाकों पर जमकर तोड़फोड़ हुई। राज ठाकरे पर नरमी बरतने के आरोप लगने के बाद महाराष्ट्र सरकार और पुलिस अब हरकत में आती दिख रही है।

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    मुंबई। टोल टैक्स के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे के भड़काऊ बयान के बाद उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जमकर उत्पात मचा रहे हैं। मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में भी एमएनएस कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन रविवार रात से ही जारी है। सोमवार को भी मुंबई के अलावा जलगांव, रायगढ़ के टोल नाकों पर जमकर तोड़फोड़ हुई। राज ठाकरे पर नरमी बरतने के आरोप लगने के बाद महाराष्ट्र सरकार और पुलिस अब हरकत में आती दिख रही है। अबतक 11 मामले दर्ज हुए हैं और 71 एमएनएस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
    दहिसर के अलावा मुंबई के मुलुंड टोल नाका, कल्याण नाका, डोंबीवली चेक नाका, नवी मुंबई का ऐरोली और वाशी नाका। मुंबई से सटे ठाणे और ठाणे ग्रामीण के टोल नाकों पर एमएनएस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जमकर हंगामा किया, तोड़फोड़ की और बिना टोल के गाड़ियों को जाने दिया। एमएनस के इस चुनावी पैंतरे पर मुंबई के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है।
    मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के कई और शहरों का भी यही हाल रहा। सुरक्षा के बावजूद एमएनएस कार्यकर्ताओं ने टोल नाकों पर तोड़फोड़ और हंगामा किया। तोड़फोड़ और हंगामे के बाद पूरे महाराष्ट्र में टोल नाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब तक इस मामले में दहिसर और नवघर में दो FIR दर्ज की गई है। कई एमएनएस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, तो कुछ को हिरासत में भी लिया गया है। इसमें एमएनएस के एमएलए भी शामिल हैं। हंगामे और तोड़फोड़ के बाद अब महाराष्ट्र सरकार राज ठाकरे के बयान की जांच करवा रही है और राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कानूनी सलाह भी ले रही है।
    सवाल उठता है कि आखिर क्यों टोल नाकों के खिलाफ राज ठाकरे ने ये मुहिम शुरू की। दरअसल अब एक्सप्रेसवे, नई सड़कें और हाईवे प्राइवेट कंपनियां बना रही हैं जो इन्हें बनाने के एवज में कई सालों तक लोगों से टोल वसूलती हैं। आरोप है कि ये प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। प्राइवेट कंपनियों पर ज्यादा टोल लेने और तय वक्त के बाद भी टोल वसूलने का आरोप है। NHAI ने साफ कहा है कि दो टोल नाकों के बीच कम के कम 80 किमी की दूरी होनी चाहिए, लेकिन महाराष्ट्र में कई जगहों पर दो टोल नाकों के बीच सिर्फ 30 किमी की दूरी है। इसके अलावा सड़कों की हालत और जरूरी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा। लेकिन टोल टैक्स को लेकर जिस तरह राज ठाकरे के कहने पर एमएनएस कार्यकर्ता उत्पात मचा रहे हैं, उसने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
    वहीं एमएनएस के इस बवाल पर सियासी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने जहां इसके लिए सीधे राज ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया है तो वहीं एनसीपी ने राज ठाकरे के विरोध के तरीके को कठघरे में खड़ा किया है। लेकिन जेडीयू ने तो कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। उसने आरोप लगाया है कि राज ठाकरे को कांग्रेस का संरक्षण हासिल है और इसीलिए उनके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती।

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